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गन्ना भुगतान करके प्रदेश में नंबर वन बना बिजनौर

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बिजनौर। जिले की शुगर मिल चालू पेराई सीजन के गन्ना मूल्य का सबसे पहले भुगतान करके प्रदेश में अव्वल हो गई हैं। शुगर मिलों ने निर्धारित समय 14 दिन में करीब 57 करोड़ का भुगतान करके यह रिकार्ड बनाया है।
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डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार जिले में नौ शुगर मिल हैं। शुगर मिलों ने 25 अक्टूबर से पेराई शुरू की थी। शुगर मिल 10 नवंबर तक 45 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई कर चुकी हैं। शासन के 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान करने के आदेश हैं। शुगर मिलों ने पेराई सत्र 2017-2018 में तय अवधि 14 दिन में किसानों द्वारा डाले गए गन्ने का 57 करोड़ का भुगतान कर दिया है। प्रदेश की 116 शुगर मिलों में सबसे ज्यादा पेराई जिले की शुगर मिल ने की है। मिलों ने भुगतान का भी प्रदेश में रिकार्ड बनाया है। जिले की बिजनौर, चांदपुर और नजीबाबाद शुगर मिल की पेराई क्षमता सबसे कम है। शुगर मिलों ने 18 दिन में एक शुगर मिल की क्षमता के बराबर गन्ना पेराई की है।

धामपुर शुगर मिल रिकवरी में प्रदेश में टॉप
डीसीओ के अनुसार जिले की शुगर मिल रिकवरी में प्रदेश में सबसे आगे चल रही है। धामपुर शुगर मिल की रिकवरी सबसे अधिक है। इसके बाद बूंदकी, स्योहारा, बिलाई और अफजलगढ़ शुगर मिल हैं। प्रदेश के शुगर मिल की औसत रिकवरी 8.82 प्रतिशत है। जबकि जिले की शुगर मिलों की रिकवरी 10 प्रतिशत से अधिक चल रही है। इसकी वजह जिले में अधिक रकबे में अरली वैरायटी का गन्ना होना है।
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कंट्रोल कक्ष में शिकायतों का अंबार
शासन के निर्देश पर डीसीओ दफ्तर में किसानों की शिकायत सुनने के लिए कंट्रोल कक्ष बना है। डीसीओ के अनुसार कंट्रोल कक्ष में रोजाना 50-60 शिकायत आ रही है। अधिकांश शिकायत गन्ना सेंटरों पर हो रही घटतौली, आए दिन तौल बंद रहने, कर्मचारियों के नहीं आने या देर से आने की हैं। गन्ना परिषद की टीम बनाकर छापेमारी कराई जा रही है। डीसीओ दफ्तर की टीम भी निगरानी कर रही है।
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वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश
डीसीओ के अनुसार शुगर मिलों को वाहनों पर आवश्यक रूप से रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। शुगर मिल ने इस पर अमल शुरू कर दिया है।
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