बिजनौर। शिक्षामित्रों की हड़ताल के कारण प्राथमिक विद्यालयों पर लटके ताले बुधवार को खुल गए। शिक्षामित्रों के स्कूलों में लौटने से स्कूलों में चहल पहल दिखाई।
सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को अपने फैसले में सहायक अध्यापक पद पर किए गए शिक्षामित्रों के समायोजन को रद्द कर दिया था। इसके विरोध में शिक्षामित्र सड़कों पर उतर आए थे। शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी कर दी थी और सड़कों पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रहे थे। कई स्कूलों में शिक्षण कार्य केवल शिक्षामित्रों के भरोसे ही होता है। इन स्कूलों पर ताला लटक गया था। बाकी स्कूलों में भी पढ़ाई बाधित हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद मंगलवार को शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार वापस ले लिया था। बुधवार को शिक्षामित्र अपने-अपने स्कूलों में गए और बच्चों को पढ़ाया और अन्य कार्य निपटाए। हालांकि शिक्षामित्र आगे की कार्रवाई के लिए भी अपने साथियों से फोन पर वार्ता करते रहे। आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांत प्रभारी सौरभ चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन पर शिक्षामित्र काम पर लौटे हैं। अगर उनके हित में सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो 15 दिन बाद शिक्षामित्र फिर से आंदोलन करेंगे।