नगीना में दिहाड़ी मजदूरों से बात करते तहसीलदार हामिद हुसैन।
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नगीना। प्रवासी मजदूरों का दूसरे राज्य की सीमा से प्रदेश में आने का सिलसिला जारी है। उत्तराखंड के कोटद्वार से महाराजगंज जाने के लिए पैदल निकले 12 मजदूर नगीना पहुंचे तो प्रशासन ने उन्हें पैराडाइज बेंक्वेट हॉल के आइसोलेशन वार्ड में क्वांरटीन करा दिया। तहसीलदार हामिद हुसैन ने नगीना कोतवाली फाटक के पास बैठे मजदूरों से बात करके क्वांरटीन कराया। उन्होंने बताया कि सभी मजदूरों को सोमवार को बस से उनके घर भेजा जाएगा।
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मदद के नाम पर मोबाइल लेकर भागा
नगीना। 12 मजदूरों के जत्थे में शामिल महाराजगंज निवासी मजदूर मार्कंडेय ने बताया कि जब वह कोटद्वार से पैदल चले थे तो नगीना से कुछ दूर पहले एक ट्रैक्टर ट्राली वाले ने मदद के तौर पर उन्हें नगीना तक छोड़ने की बात करके बैठा लिया। नगीना उतारने के बाद उसने उसका मोबाइल लेकर बात करने के बहाने नगीना में प्रशासन से बस दिलाने की बात कही। मजदूर का मोबाइल लेकर चालक तेजी से ट्रैक्टर ट्राली को लेकर फरार हो गया। मजदूर का कहना है कि मोबाइल की कीमत आठ हजार रुपए हैं।
147 प्रवासी मजदूर पीएचसी पहुंचे
कोतवाली देहात। थाना क्षेत्र के गांव दौलताबाद, श्यालूनंगला, करौंदा पच्दू, पित्तानहेडी जियां, करौंदा चौधर, मिलक कद्दूस, कस्बा कोतवाली देहात, मानपुर व शेखपुरा तुर्क आदि गांव में मुंबई, पुणे, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड व अन्य राज्यों से आए 147 प्रवासी मजदूर पीएचसी पहुंचे। पीएचसी प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद कुछ कामगारों को 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया है। 10 मजदूरों को जांच के लिए सीएचसी नगीना भेजा गया है।
नगीना में ठगी का शिकार हुआ मजदूर।- फोटो : BIJNOR