जिले में 9177 फर्जी सट्टे मिले
बिजनौर। गन्ना विभाग में सट्टों और जमीन के अभिलेख उपलब्ध कराने में बड़े खेल का खुलासा हुआ है। गन्ना आयुक्त द्वारा कराई जांच में जिले में 9177 फर्जी सट्टे मिले हैं। फर्जी सट्टों से लाखों क्विंटल गन्ने की हेराफेरी हो रही थी। करीब 54000 किसानों ने भूमि के खतौनी आदि राजस्व अभिलेख नहीं दिए हैं। सबसे अधिक फर्जी सट्टे बूंदकी मिल क्षेत्र में मिले हैं। गन्ना विभाग ने फर्जी सट्टे निरस्त करने, उनके खातों में जमा पैसे को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार जिले में नौ गन्ना समितियों के कार्यक्षेत्र में 2680 गांव हैं। समितियों के 324447 किसान सदस्य हैं। गन्ना आयुक्त के निर्देश पर गांवों में घर-घर जाकर गन्ना सर्वे संशोधन, सट्टा जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 307105 किसानों का मिलान किया गया है। इसमें 5036 मृतक किसान मिले 1440 एक ही नाम से दो-दो सट्टे चलते मिले। 1080 ऐसे किसान मिले हैं, जिनके पास जमीन नहीं है और उनके सट्टे चल रहे थे। 1621 ऐसे सट्टे मिले हैं जिनके पास जमीन कम है और सट्टे अधिक चल रहे थे। फर्जी सट्टों से लाखों क्विंटल गन्ने की हेराफेरी हो रही थी, पात्र किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा था। जांच के दौरान मांगने पर 54027 किसान अपनी जमीन के राजस्व अभिलेख नहीं दे पाए। अनिवार्य होने पर भी 25432 किसानों के पास आधार कार्ड नहीं था। बिजनौर समिति में 1827, स्योहारा में 1745, धामपुर में 907, बिलाई में 241, बूंदकी में 1982, नजीबाबाद में 332, अफजलगढ़ में 242, बरकातपुर में 701 फर्जी सट्टे मिले हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।