बिजनौर । तीन साल से अटके पड़े भुगतान और अन्य मांगों को लेकर पश्चिमांचल पावर कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले ठेकेदारों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में हंगामा करते हुए नारेबाजी की। कर्मचारियों पर मंडल से आई टीम से अभद्रता करने का आरोप लगाया। ठेकेदारों ने शनिवार से आमरण अनशन की घोषणा की है।
विद्युत वितरण खंड बिजनौर के लेखाकार निखिल अग्रवाल के स्थानांतरण, सालों से अटकी फाइलों को पूरा कराने और भुगतान के लिए छह दिन से धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार को मेरठ, हापुड़ आदि जिलों की टीम धरने के समर्थन में पहुंची। ठेकेदारों का एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए अधीक्षण अभियंता सीपी सिंह से मिलने पहुंचा। आरोप है कि वहां पर अधिकारियों ने उनसे अभद्रता की। इसके विरोध में सभी ठेकेदार अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और हंगामा करते हुए नारेबाजी की। ठेकेदारों ने कार्यालय में तालाबंदी की भी कोशिश की। बाद में सीपी सिंह ने ठेकेदारों से वार्ता की। अधिकारियों ने भुगतान तो दिलाने पर तो रजामंदी जताई, लेकिन लेखाकार के स्थानांतरण के लिए तीन दिन का समय मांगा। ठेकेदार इसके लिए तैयार नहीं हुए। शनिवार को आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष प्रभुनाथ तिवारी, सतेंद्र सिंह, आनंद सिंह, मुदस्सिर रईस, अमरीक सिंह, दिनेश शर्मा, ओमदत्त त्यागी आदि मौजूद रहे।