जिले में दिसंबर तक खोले जाएंगे 30 जन औषधि केंद्र
बिजनौर। जनपद के गरीब लोग अब दवाओं के अभाव में दम नहीं तोड़ेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में 4000, उत्तर प्रदेश में 1000 और जिला बिजनौर में दिसंबर-2018 तक 30 जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा है। जिले में जन औषधि केंद्र खोलने को बढ़ावा देने के लिए अधिकारी जिले के जनता को जागरूक कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत जिले में 30 जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। लाइसेंस धारक को 20 प्रतिशत का मार्जन दिया जाएगा। अफसरों के मुताबिक फिलहाल इस योजना के अंतर्गत विकलांग और एससी/एसटी वर्ग के लोग ही आवेदन कर सकते हैं। इस वर्ग के लोगों को 50 हजार रुपये की दवाइयां एडवांस में दी जाएगी।
प्रधानमंत्री जन औषधि योजना भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक जुलाई 2015 को शुरू की गई थी। इस योजना के अंतर्गत सरकार की ओर से उच्च गुणवत्ता वाली जैनरिक दवाइयां मिलेंगी। इनकी कीमत बाजार मूल्य से कम रहेगी। अफसर कहते हैं कि ये दवाइयां विभिन्न फार्मा कंपनियों की दवाइयों के मुकाबले करीब तीन गुना सस्ती है और प्राइवेट ब्रांडेड दवाओं से ज्यादा प्रभावशाली हैं। जनपद में दिसंबर-2018 तक 30 जन औषधि केंद्र खोलने का केंद्र सरकार की ओर से लक्ष्य दिया गया है। इससे पूर्व छह औषधि केंद्र चल रहे हैं। इनमें कोतवाली, नगीना, स्योहारा, नहटौर में ये केंद्र स्थापित हैं। इसी को अमली जामा पहनाने के लिए अधिकारी लगे हुए हैं। अधिकारियों की ओर से जन औषधि केंद्र खोलने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस योजना की खास बात ये है कि ये एससी/एसटी और विकलांगों के लिए है। सरकार द्वारा 2.5 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। जो 25 माह तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह रहेगी। प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोडल अफसर गौतम कपूर के अनुसार प्रथम चरण में अनुसूचित जाति, जनजाति और विकलांगों को इन केंद्रों को खोलने के लिए विभाग की ओर से परमिशन दी जाएगी। इस योजना में नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार जल्द ही देशभर में चार हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्र खोलने की योजना पर विचार कर रही है। डीआई आशुतोष मिश्रा ने बताया कि आवेदक को पहले नोडल अफसर को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। फिर नोडल अफसर उन्हें अप्रूवल औषधि निरीक्षक कार्यालय को भेजेंगे। डीआई के मुताबिक ऑनलाइन पत्रावली पूर्ण होने के 24 घंटों के भीतर लाइसेंस निर्गत कर दिया जाएगा। केंद्र खोलने के लिए लाइसेंस लेने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी औषधि निरीक्षक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
ये दवाइयां हैं शामिल
टीबी रोग, शुगर, हर प्रकार के दर्द, जुकाम, खांसी, सर्दी आदि रोगों के लिए टैबलेट, सिरप और इंजेक्शन समेत करीब 740 औषधियां उपलब्ध हैं।