‘आत्मबल के साथ निर्भीक होकर लक्ष्य की ओर बढ़ें’
नगीना। अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत लाला राधेश्याम कॉलेज ऑफ एजुकेशन में नारी सशक्तिकरण पर निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को अपराजिता बनने के लिए प्रेरित किया गया। मुख्य अतिथि कॉलेज के निदेशक संजीव अग्रवाल ने छात्राओं को नारी गरिमा को बनाए रखने और उनके चेहरे पर आत्मविश्वास की मुस्कान के लिए प्रयास करने व सतत सक्रिय रहने की वचनबद्धता की शपथ दिलाई।
कॉलेज निदेशक संजीव अग्रवाल ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन काफी समय से लगभग पूरे साल ही समाज को जागरूक करने के कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। उन्होंने कहा नारी सशक्तिकरण के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत विशेष रूप से छात्राओं को अपराजिता बनाने के अभियान में छात्राओं में आत्मबल विकसित करने का काम किया जा रहा है, जो कि सराहनीय काम है। उन्होंने कहा की जिस परिवार में बच्चों की माता शिक्षित होती है उस परिवार में बच्चे भी उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि घर में बच्चे की पहली शिक्षक उसकी मां ही होती है। उन्होंने कहा की आज के दौर में लड़कियों की शिक्षा किसी भी परिवार व समाज की तरक्की के लिए आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए व मनचलों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की बेटियां हर क्षेत्र में चाहे विज्ञान, मेडिकल साइंस, खेल, प्रशासनिक सेवा, आर्मी, वायु सेना, जल सेना, राजनीति समेत सभी क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं और लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं। सामाजिक जीवन में भी उन्हें लड़कों से डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने व आत्मबल के साथ निर्भीक होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पुरुष प्रधान समाज का कॉन्सेप्ट अब पुराना हो गया है। वास्तविकता तो यह है कि अब हमारे समाज में महिलाओं को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है, इसलिए छात्राएं अब स्वयं को छात्रों से मजबूत मानें। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान ने महिला व पुरुषों को बराबर का दर्जा दिया है। महिलाओं को भी अपने आपको पुरुषों से कम नहीं मानना चाहिए। उन्होंने अमर उजाला के प्रयास की जमकर प्रशंसा की। गौरव गोयल के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं साक्षी, दीक्षा रानी, ज्योति रानी, सोनम, हिमानी रानी, निधि ने महिला सशक्तिकरण विषय पर अपने अपने विचार रखे। निबंध प्रतियोगिता में निधि प्रथम, शालिनी चौहान द्वितीय व हिमानी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समाजसेवी राकेश अग्रवाल, बीएड विभागाध्यक्ष सुनील कुमार, पुनीत अग्रवाल, बाबूराम, अमित कुमार, कौशल्या चौहान आदि का विशेष योगदान रहा।
सामाजिक सरोकार का मुद्दा उठाया
प्रवक्ता कौशल्या चौहान ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर अखबार की यह मुहिम सराहनीय कदम है। उन्होंने इसे छात्राओं के अंदर आत्मबल विकसित करने की दिशा में एक अच्छा प्रयास बताया।
प्रेरणा मिली
छात्रा निधि का कहना है कि अमर उजाला द्वारा अपराजिता कार्यक्रम से छात्राओं को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने अमर उजाला के प्रयास को साधुवाद दिया।
अधिकारों की जानकारी मिली
छात्रा शालिनी चौहान ने कहा की अमर उजाला के अपराजिता अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण के बारे में कॉलेज के निदेशक संजीव अग्रवाल की बात सुनकर हमें अपने अधिकारों की कई नई जानकारी मिली और अपराजिता के अर्थ का सही पता चला।
हौसला पैदा करने की जरूरत
छात्रा शालिनी का कहना है हर लड़की को अपने अंदर हौसला पैदा करने की जरूरत है। तभी पुरुष प्रधान समाज होने की बात करने वालों के मुंह बंद होंगे। उन्होंने अमर उजाला के प्रयास को खुले दिल से तारीफ की।
ताकत को पहचानना होगा
छात्रा हिमानी चौधरी का कहना है कि अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम से बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा की हर महिला में पुरुष के बराबर काम करने की ताकत है, बस अपनी ताकत को पहचानने की जरूरत है।
आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली
छात्रा सोनम कुमारी का कहना है कि अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान से लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने अमर उजाला के प्रयास की सराहना की।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय पहल
छात्रा दीक्षा रानी का कहना है की अमर उजाला के अपराजिता अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
शिक्षित महिलाओं का समाज करता है तरक्की
छात्रा साक्षी चौहान का कहना है कि जिस समाज में महिला शिक्षित होती है वह समाज तरक्की करता है। उन्होंने अपराजिता कार्यक्रम आयोजन के लिए अमर उजाला को धन्यवाद कहा।