नजीबाबाद (बिजनौर)। अंजुमन गुलशन ए अदब की ओर से आयोजित शेरी नशिस्त में शायरों ने शानदार कलाम पेश किए। इस मौके पर शायर डॉ. रईस भारती को सम्मानित किया गया।
मोहल्ला पठानपुरा में मशहूर शायर इशरत जमा खां अफसर की याद में आयोजित शेरी नशिस्त का आगाज शादाब जफर ने नात ए पाक से किया। शायर मुजक्किर नजीबाबादी ने ‘आंच आने न देंगे वतन पर कभी, जान तक इस पे कुर्बान कर जाएंगे’, फरहत जमा खां ने ‘उसकी बेवफाई पर दिल फजूल रोता है, आज के जमाने में कौन किस का होता है’, सलीम मुल्तानी ने ‘तन्हाई में अक्सर एक ख्वाब सा दिखता है, दिन निकल रहा है और महताब सा दिखता है’ कलाम पेश कर वाहवाही लूटी। मरगूब हुसैन नासिर की अध्यक्षता और सुहेल शहाब शम्सी के संचालन में आयोजित शेरी नशिस्त में डॉ. तैय्यब जमाल, इसरार मिर्जा, फहीम नजीबाबादी, मनमोहन अंजुम ने भी कलाम पेश किए। कार्यक्रम में वरिष्ठ शायर डॉ. रईस भारती को इशरत जमा खां अफसर अवार्ड से सम्मानित किया गया। साथ ही शायर अनवर जलालपुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। बेगराज यादव, नुसरत उल्ला, बिट्टन खां, परवेज अहमद, नबील अब्बास आदि उपस्थित रहे।