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कोरोना से जंगः बीएचयू में बन रही आयुर्वेदिक औषधि, गिलोय घनवटी, अश्वगंधा रखेगा संक्रमण से दूर

Mon, 13 Jul 2020 12:36 AM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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गिलोय घनवटी, अश्वगंधा चूर्ण, शिरषादि क्वाथ और आयुष काढ़ा को कोरोना संक्रमण से निपटने में सहायक माना जा रहा है। आयुष मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद बीएचयू आयुर्वेदिक फार्मेसी में भी इसका निर्माण हो रहा है। हर सप्ताह घनवटी की करीब एक लाख टेबलेट तैयार की जा रही हैं। 
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रस शास्त्र विभाग के अध्यक्ष और फार्मेसी के अधीक्षक प्रोऩंद चौधरी के अनुसार, गिलोय घनवटी का उपयोग इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। अश्वगंधा संक्रमण रोकने में सहायक है। वहीं, शिरषादि क्वाथ सर्दी, खांसी और बुखार को कम करता है। इसीलिए इन औषधियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से भी निपटने में सहायक माना गया है।

उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है, इसीलिए आयुष, अमृतादि काढ़ा भी लोगों को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीएचयू अस्पताल में आयुर्वेद संकाय की ओपीडी में बने काउंटर पर यह औषधियां उपलब्ध हैं।
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कई बीमारियों में सहायक है औषधियां

प्रोऩंद चौधरी ने बताया कि अश्वगंधा कई तरह के संक्रमण को खत्म करने में लाभकारी होता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए इलाज में भी यह लाभदायक होता है। हृदय रोग और पेट संबंधी बीमारी से जूझ रहे मरीज डाक्टर की सलाह पर गिलोय घनवटी का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले कई दिनों से लगातार इन औषधियों को तैयार कराया जा रहा है।

गिलोय घनवटी, अश्वगंधा चूर्ण और शिरषादि क्वाथ का उपयोग चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। संकाय प्रमुख प्रो. वीपी सिंह के निर्देशन में कर्मचारी पूरे उत्साह से इन औषधियों को तैयार करने में लगे हैं। -प्रो.आनंद चौधरी, अधीक्षक, आयुर्वेदिक  फार्मेसी बीएचयू

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