ज्ञानपुर। अगर आप स्वरोजगार करना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी आड़े आ रही है। उद्यम स्थापित करने के लिए धन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप उद्योग लगाइए, ऋण देने की व्यवस्था सरकार करेगी। वह भी पूरी तरह से ब्याजमुक्त। इतना ही नहीं परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार यह योजना चला रही है। इसके लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन व उद्यमिता विकास केंद्र (जिला उद्योग केंद्र) के अंतर्गत संचालित नवीन मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत उद्योग लगाने को पांच लाख रुपये तक का ऋण हासिल किया जा सकता है। इसे लेकर आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है। शासन की ओर से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। इसके तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम से युवाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है। इस योजना में पांच लाख रुपये तक का ऋण चार वर्ष के लिए बगैर ब्याज के दिया जाएगा। परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा। योजनांतर्गत डिजिटल ट्रांजक्शन के सापेक्ष एक रुपये प्रति ट्रांजक्शन अथवा अधिकतम दो हजार रुपये प्रतिवर्ष प्रति इकाई अतिरिक्त अनुदान देय होगा। योजना के तहत किसी भी तरह का उद्योग स्थापित किया जा सकता है। हालांकि उद्योग लगाने के लिए लाभार्थी का प्रशिक्षण प्राप्त होना अनिवार्य है। किसी शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान से कौशल संबंधी सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा, डिग्री होनी चाहिए। इसमें फर्नीचर निर्माण, रेडीमेड कपड़ा, लौह कला से जुड़े कार्य, कंप्यूटर, सिलाई से लेकर अन्य जिस ट्रेड में लाभार्थी प्रशिक्षण हासिल किए होंगे, उससे संबंधी उद्यम स्थापित कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। कोई भी इच्छुक व्यक्ति जो योग्यता रखता है, आवेदन कर ऋण योजना का लाभ हासिल कर सकता है।- आशुतोष सहाय पाठक, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र।