सड़क दुर्घटना में मृत रिंकू गौड़ की फाइल फोटो।
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गोपीगंज। कोतवाली क्षेत्र के अमवा माफी गांव निवासी रिंकू गौड़ (28) पुत्र लालजी गौड़ की शनिवार की रात हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रिंकू अपने साथी राजकुमार यादव (27) पुत्र रामबली के साथ कछवां-मिर्जापुर गई एक बरात में शामिल होने के लिए बाइक से गया था। उसने हेलमेट पहन रखा था। लौटते समय तमाचाबाद पहुंचने पर पहले से राजमार्ग पर मृत पड़े मवेशी से टकराकर दोनों दूर जा गिरे। इस दौरान रिंकू डिवाइडर से टकरा गया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। आनन-फानन में बरात गए अन्य साथियों ने दोनों को बाइक पर ही बैठाकर घर लाए और घायल राजकुमार को सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने राजकुमार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मृतक रिंकू छह भाइयों में सबसे छोटा था। शादी नहीं हुई थी और वह एक निजी स्कूल में शिक्षक था। पिता जौनपुर में रहकर जायदाद की देखभाल करते हैं कुछ वर्षों से रिंकू अन्य परिजनों के साथ अमवामाफी में आकर रहने लगा था। घटना को सुनकर लोगों की भारी भीड़ मृतक के घर जुटी रही।
हेल्पलाइन टीम की अनदेखी पड़ रही भारी
गोपीगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 पर चल रही हेल्पलाइन टीम की अनदेखी से इन दिनों सड़क हादसों की बाढ़ सी आ गई है। पशुपालन विभाग की लापरवाही से दर्जनों की संख्या में बेसहारा पशुओं की संख्या राजमार्ग पर अधिक होने के चलते आए दिन गंभीर हादसों के कारण बनते रहते हैं। शादी-विवाह से लेकर अन्य समारोहों में शामिल होकर घर लौटने वालों की थोड़ी सी चूक मौत की संख्या बढ़ा देता है, लेकिन हेल्पलाइन टीम दो-चार दिनों से राजमार्ग पर मृत पड़े गोवंश को हटाने में सक्रियता नहीं दिखाती। यदि कछवां के तमाचाबाद में मृत होकर पड़े गोवंश को टीम ने हटा दिया होता तो शायद रिंकू की जान बच गई होती। पीडी अश्वनी राय का कहना है कि विषम परिस्थितियों में हेल्पलाइन 1033 से जुड़े कर्मचारियों से कभी कभी चूक होती होगी, अन्यथा नहीं। जानकारी होने पर टीम सुविधाओं के लिए हमेशा तैयार रहती है।