हरियांव स्थित सिद्धपीठ में स्व.अजीत सिंह बघेल की याद में सोमवार को कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। दंगल में देश के नामचीन महिला व पुरुष पहलवानों ने हिस्सा लिया और अपना उत्कृष्ट दांव पेच से दर्शको का मनोरंजन करने के साथ साथ जिल भी जीता।
दंगल के प्रत्येक विजेता पहलवान को 51 सौ और उपजेता को 3 हजार रुपये के नगद पुरस्कार दिए गए। सिद्धपीठ द्वार के सामने मैदान में दंगल का विशाल अखाडा बनाया गया था। जिसके चारो ओर बांल बल्ली का घेरा बनाकर दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। दोपहर दो बचे शुरू हुआ दंगल शाम 6 बजे समाप्त हुआ।
उद्घाटन कुश्ती लालजी पहलवान (गोरखपुर) व रिंका पहलवान (राजस्थान) के बीच हुआ जिसमें लालजी ने रिंका हराया। इसके बाद विजय पहलवाल (नेपाल) तथा रवि पहलवान (गंगापार) के बीच कड़ा मुकाबला हुआ जिसमे विजय विजयी रहे। इसी प्रकार पंजाब के मंजीत सिंह ने हरिद्वार के संजीव को हराया। गोरखपुर के लालजी ने अपने दूसरे मुकाबले में नेपाल के पहलवान शक्ति कपूर को पटखनी देकर खूब वाहवाही लूटी।
महिला पहलवानों ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया। दिल्ली की प्रीती ने दो अलग अलग मुकाबलों में धनवाद की सपना और नेपाल की सीमा को चारो खाने चीत कर वाहवाही लूटी। रेफरी शुकरु व श्याम बिहारी रहे। इस मौके पर स्व.अजित सिंह बघेल की पत्नी ऋचा सिंह ने कहा की कुश्ती भारत की पहचान है।
इसे बढ़ावा देने की आवश्यकता है। कहा कि उनके पति ने इसे सदैव प्रोत्साहित किया। इस दौरान जिपं सदस्य सुरेश मिश्र, पवन पाण्डेय, सुभाष मौर्य, कृष्ण कुमार राय, अनिता गुप्ता, रेनू पांडेय, आदि ने व्यापक सहयोग किया। संयोजक अभयराज सिंह ने धन्यवाद दिया।