नाग पंचमी का पर्व रविवार को जिले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। घर-घर नागदेव की पूजा-अर्चना कर लोक कल्याण की कामना की गई। शिवालयों और मंदिरों पर बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं ने दर्शन-पूजन किया। इसके बाद घरों में विविध पकवान बनाए गए। नाग पंचमी के अवसर पर खेलकूद और कुश्ती का परंपरागत आयोजन भी किया गया।
नाग पंचमी के अवसर पर बुधवार को जिले का वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाओं ने स्नान-ध्यान कर नाग देवता को लावा-दूध अर्पित किया। इसके बाद मंदिरों और शिवालयों पर बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने पहुंचकर नाग देव का आह्वान किया। सुख-सौभाग्य की कामना के निमित्त महिलाओं ने मंगल गाए।
इस मौके पर विभिन्न प्रकार के पारंपरिक गीत गाकर आराधना पूर्ण की। ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर पर नाग पंचमी पर दूध-लावा चढ़ाने और दर्शन-पूजन के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। घंटे-घड़ियालों की ध्वनि पूरे दिन मंदिर परिसर में गूंजती रही। ज्ञानपुर से लगे भिदिउरा गांव में मंदिर पर महिलाओं ने पूजन-अर्चन किया और देवीगीत गाए। साथ ही खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
जिला मुख्यालय से लगे जोरई गांव में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने ऊंची कूद, लंबी कूद, कबड्डी आदि प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। ऊंज संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र के शिव मंदिरों पर नाग पंचमी के मौके पर रुद्राभिषेक और शिवार्चन कार्यक्रम हुए। इससे वातावरण भक्तिमय हो गया था।