ज्ञानपुर। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति (ग्रामीण) की बैठक हुई। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंत्येष्टि स्थलों के लिए उपजिलाधिकारियों के समन्वय से शीघ्र भूमि चिह्ति कराएं। अधूरे रिसोर्स रिकवरी सेंटर का काम जल्द पूरा करें। प्रभारी डीपीआरओ डॉ. सपना अवस्थी ने बताया कि जिले में स्वीकृत 506 आरआरसी सेंटरों में से 355 का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिनमें 331 संचालित हैं, जबकि 151 सेंटर निर्माणाधीन हैं।
डीएम ने सभी निर्माणाधीन सेंटर निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।
उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत एकत्रित कूड़े के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही की स्थिति में संबंधित बीडीओ, एडीओ पंचायत एवं ग्राम पंचायत अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। व्यक्तिगत शौचालय सिर्फ पात्रों को देने का निर्देश दिया। रेट्रोफिटिंग कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि सभी कार्यों की जियो-टैग फोटो समय से पोर्टल पर अपलोड कराई जाए। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) की स्थापना के लिए न्यूनतम एक एकड़ भूमि का शीघ्र चिन्हांकन करने के निर्देश दिया।
भोली के मसुधी में स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीडब्ल्यूएमयू) की भी समीक्षा की गई। डीएम ने सभी नगर पंचायतों एवं नगर पालिका परिषदों के एमआरएफ सेंटरों से एकत्रित प्लास्टिक अपशिष्ट को प्रोसेसिंग के लिए मसूधी स्थित यूनिट तक पहुंचाने का निर्देश दिया।