भिदिउरा में काव्य गोष्ठी में मौजूद साहित्यकार। स्रोत संगठन
हिंदी साहित्य परिषद की ओर से बृहस्पतिवार को भिदिउरा गांव में विचार एवं काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान व्यास के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। दीनानाथ पाठक ने गुरु वंदना प्रस्तुत की।
डॉ. विद्या शंकर त्रिपाठी ने गुरु पूर्णिमा और गुरु तत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि एक तत्व है। मुख्य अतिथि आचार्य भूपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि संसार का समस्त ज्ञान भगवान व्यास की देन है।
डॉ. राजकुमार पाठक ने कहा कि गुरु के बिना व्यक्ति निगुरा होता है। जीवन में ऊंचाई हासिल करने के बाद भी गुरु के मार्गदर्शन के बिना मोक्ष की प्राप्ति संभव नहीं है। गोष्ठी का संचालन डॉ. सुरेश पांडेय ''मंजुल'' ने किया। उन्होंने कहा कि गुरु ज्ञान और प्रकाश का स्रोत हैं, जो जीवन रूपी भवसागर से पार लगाने में सहायक होते हैं। विद्यापति शुक्ल ''कोकिल'' ने गीतों के माध्यम से गुरु की महिमा का वर्णन किया। इस अवसर पर घनश्याम सिंह, केशवनाथ दूबे, आशीष पाठक, राजेश मिश्र, डॉ. बालेंदू भूषण पाठक, सोनू प्रजापति, सरिता और जान्हवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।