ज्ञानपुर। जनपद में शनिवार सुबह होते ही मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया। दिन भर बादल छाए रहे। इसी बीच हल्की बूंदाबांदी भी हुई। दोपहर तक काले बादल मंडराते रहे। इसके बाद धूप खिली। बदलते मौसम का रुख देखकर किसानों के मांथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। यदि बारिश हुई तो तिलहनी फसल चौपट होने का डर है। शनिवार को बूंदाबांदी के बाद अधिकतम तापमान में दो डिग्री तक की कमी आई है।
जिले में अगर फिर से बारिश हुई तो दलहन-तिलहन की फसलों को सबसे अधिक नुकसान होने का डर है। पिछले साल मार्च में बेमौसम बारिश के चलते गेंहू की फसल चौपट हो गई थी। मौसम विभाग ने रविवार को भी बारिश होने का अंदेशा व्यक्त किया है। यह मौसम सेहत के लिए नुकसानदेह है। जनवरी में कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान किया। वहीं फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। मार्च के पहले सप्ताह में ही मौसम का रुख बदला गया। जिससे देखते ही किसान सरसों की कटी हुई फसल को छायादार स्थान पर रखे। हालांकि यह मौसम सेहत के लिए नुकसान देह है। जरासी लापरवाही के चलते लोग तत्काल बीमार पड़ते हैं। 27 फरवरी को हुई बारिश के कारण सबसे अधिक नुकसान सरसों की फसल को हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री दर्ज किया गया। उन्होंने रविवार को भी बारिश होने के का अंदेशा व्यक्ति किया।