ज्ञानपुर। पर्वतीय क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आने वाले एक-दो दिनों में मैदानी इलाकों के मौसम का मिजाज बदलेगा। चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ के कारण रुख बदलकर आने वाली हवाएं पांच से सात फरवरी के बीच कालीन नगरी के आसमान पर बादलों की घेरेबंदी करेंगी। इससे बूंदाबांदी और कहीं तेज बारिश के आसार हैं। साथ ही हवाओं के कारण तापमान में गिरावट होने से ठंड भी बढ़ेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों पर मंगलवार से पश्चिमी विक्षोभ हो गया है। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठने वाली आर्द्र हवाओं का प्रवाह पंजाब से लेकर उत्तर प्रदेश तक बढ़ेगा। इससे उत्तर प्रदेश में चार से सात फरवरी के मध्य व्यापक रूप से बारिश की संभावना है। इससे भदोही जिला भी अछूता नहीं रहेगा। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल के मुताबिक पांच से सात फरवरी के मध्य जिले के आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ होगी। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी या हल्की बारिश के आसार है। साथ ही हवा की गति तेज रहेगी। उत्तर-पूर्व की हवाओं से दिन का तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्शियस के बीच और रात का तापमान आठ से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इससे ठंड आगे भी बरकरार रहने की उम्मीद है। हालांकि दिन में धूप निकलने के भी आसार हैं। वातावरण में नमी बनी रहेगी। रात में 90 से 95 फीसदी और दिन में 50 से 60 प्रतिशत नमी रहेगी।
इनसेट
अभी न करें फसलों की सिंचाई
ज्ञानपुर। पांच से सात फरवरी के बीच बारिश के आसार को देखते हुए किसानों को फसलों की सिंचाई और रासायनिक का छिड़काव को स्थगित कर देना चाहिए। इससे नुकसान हो सकता है। अधिक नमी के कारण आलू और टमाटर की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका रहती है। इसलिए फसल की नियमित निगरानी करनी चाहिए। गेहूं में सिंचाई सात फरवरी के बाद मौसम सामान्य होने पर करें। खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए और हाथ से निराई-गुड़ाई करना ठीक रहेगा। केवीके के कृषि मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि ऐसा मौसम माहू रोग को दावत दे सकता है। आवश्यकता पड़ने पर इमिडाक्लोप्रिड 0.75 मिलीलीटर का प्रयोग प्रति लीटर पानी में मिलाकर मौसम साफ होने पर करना चाहिए।