पश्चिमी विक्षोम सक्रिय होने से रविवार को अचानक जिले में मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह 10 बजे हल्की बूंदाबांदी हुई। दिनभर आसमान में बादल मंडराते रहे। मौसम का मिजाज देखकर किसान चिंतित हो गए। सरसों की फसल की कटाई व मड़ाई में किसान जुट गए। जानकारों का कहना है कि तेज हवा के साथ बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक है।
रविवार को बादला छाए रहने से तापमान में भी कमी आई है। गर्मी से लोगों को राहत मिली। माैसम का मिजाज देखकर किसान सुबह ही खेत में पहुंच गए और एक दिनभर सरसों की फसल के सुरक्षा में जुटे रहे। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि 15 मार्च की रात को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ विकसित हुआ। वहीं ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ में अप्रत्याशित तापमान वृद्धि के संयुक्त प्रभाव के कारण दक्षिण पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी हुई। इसका असर जनपद में भी देखा गया। बताया कि आगामी सप्ताह में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा, लेकिन असामान्य तापमान वृद्धि के कारण गर्म मौसम का प्रभाव बना रहेगा। ऐसे में अचानक से तापमान वृद्धि होने पर कभी-कभी मौसम प्रतिकूल भी देखा जा सकता है। रविवार को दिन में तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। वहीं रात में 22.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
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बारिश नहीं, ओलावृष्टि से होगा नुकसान
ज्ञानपुर। अमूमन हर साल इसी मौसम में ओलावृष्टि, तेज हवा के साथ बारिश होती है। इस साल भी मौसम का मिजाज बदला है। हल्की बारिश से सरसों, गेहूं की फसलों को नुकसान नहीं है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जब तेज हवा या ओलावृष्टि के साथ बारिश होगी। तो फसलों के लिए नुकसान देह साबित हो सकता है। जनपद में करीब 50 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है।