सुरियावां। जिले में बारिश भले ही रविवार को नहीं हुई, लेकिन विद्युत उपकेंद्र सुरियावां अब भी लबालब है। उपकेंद्र परिसर में दो से ढाई फीट पानी कर्मियों और उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रहा है। एक दशक पूर्व की यह समस्या साल दर साल जटिल होती जा रही है।
करीब छह दर्जन से अधिक गांवों का भार उठाने वाले उक्त उपकेंद्र की ओर न सपा सरकार ध्यान दे सकी न बसपा, यही हाल कांग्रेस और भाजपा का भी रहा। विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का परिणाम है कि तीन दशक बाद भी उपकेंद्र की बाउंड्रीवाल तक नहीं बन सकी। बारिश के सीजन में पानी निकासी की सुविधा न होने से उपकेंद्र में दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। बारिश न होने के बाद भी 10 से 15 दिनों तक उपकेंद्र में पानी भरा रहता है। इससे वहां काम करने वाले कर्मियों को परेशान होना पड़ता है।
करंट फैलने का खतरा भी होता है। उपकेंद्र से जुड़े हरिहरपुर, सुरियावां नगर, दुर्गागंज फीडरों के उपभोक्ताओं ने अविलंब अधीक्षण अभियंता का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समस्या से मुक्ति दिलाने की मांग की। कहा कि उपकेंद्र से जलजमाव की समस्या दूर न हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अधिशासी अभियंता राम कुमार ने कहा कि उपकेंद्र की समस्या दूर करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। बजट न मिलने से बाउंड्रीवाल पूर्ण नहीं हो सका है।