बाहुबली विधायक विजय मिश्रा और मुख्तार अंसारी।
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पूर्वांचल के बाहुबली नेताओं में शुमार पूर्व विधायक विजय मिश्रा ने अपराध की दुनिया में मुख्तार अंसारी से हाथ मिलाकर कदम रखा था। विश्व हिन्दू परिषद के कोषाध्यक्ष व बड़े कोयला व्यवसायी नंद किशोर रूंगटा के अपहरण और फिर हत्याकांड में विजय मिश्रा और मुख्तार अंसारी पर एक साथ मुकदमा दर्ज हुआ था। साक्ष्यों के अभाव में भले ही दोनों छूट गए थे, लेकिन यहीं से विजय मिश्रा अपराधिक दुनिया में कदम रखा।
बात 1997 की है, जब पूर्वांचल के बड़े कोयला व्यापारी और विश्व हिन्दू परिषद के तत्कालीन कोषाध्यक्ष नंद किशोर रूंगटा के अपहरण की खबर आई। इनके अपरहरण के बाद दो करोड़ की फिंरौती मांगी गई। पुलिस की जांच में पता चला कि उन्हें भदोही में बंधक बनाकर रखा गया है। बाद में उनकी हत्या कर शव को इलाहाबाद के झूंसी में फेंक दिया गया। इस मामले में पुलिस ने विजय मिश्रा और मुख्तार अंसारी को नामजद किया गया। इस केस के साथ ही विजय विजय मिश्रा के अपराधिक इतिहास की शुरूआत हुई।
मुख्तार और विजय सीबीआई कोर्ट में पेश किए गए। विश्व हिन्दू परिषद ने सजा दिलाने को पूरा जोर लगा दिया, लेकिन दोनों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने पर अदालत ने बरी कर दिया। लोग बताते हैं कि रूंगटा मामले में बरी होने के बाद विजय मिश्रा की अकड़ बढ़ गई और धीरे-धीरे वह पूर्वांचल में खनन के ठेकों पर अपनी पकड़ बनाने लगा। एक समय ऐसा आया, जब विजय मिश्रा जिले की राजनीतिक समेत तमाम निर्णय लेने लगा और उसका रसूख भी बढ़ने लगा। जिसके बाद उसके खिलाफ दर्ज होने वाले मुकदमे की लिस्ट भी बढ़ने लगी।
अलर्ट मोड में प्रशासन
माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद जिले की पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई। जिले के संवेदनशील इलाकों में विशेष चौकसी बढ़ाने के साथ ही एएसपी व अन्य ने कई इलाकों में गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जिले के भदोही व घोसिया इलाके में पुलिस के जवानों ने गश्त किया।