सीतामढ़ी। खरीफ सीजन में यूरिया संकट कम नहीं हो रहा है। डीघ ब्लॉक के साधन सहकारी समितियों में यूरिया खाद का टोटा होने से दर्जनों गांवों के किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि न तो समितियों पर खाद है और न ही निजी दुकानों पर। यूरिया खाद की भारी किल्लत के चलते किसानों में हाहाकार मचा हुआ है।
धान की तैयार फसलें खाद के अभाव में पीली होकर खराब होने लगी है। 20 किलोमीटर के दायरे वाले कोनिया क्षेत्र के किसानों को खाद और बीज साधन सहकारी समिति कटरा और उप समिति नारेपार से उपलब्ध होती है। किसानों का कहना है कि जब खाद और बीज की आवश्यकता होती है तब दोनों समितियों का गोदाम खाली रहता है। समितियों पर यूरिया खाद की अनुपलब्धता के चलते किसानों में नाराजगी है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर समितियों में शीघ्र ही खाद नहीं भेजा गया तो किसान सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
डीघ ब्लॉक के कटरा, नारेपार, सूर्यभानपुर, तिलंगा, जंगीगंज आदि सहकारी समितियों में खाद का टोटा है। समितियों के सचिव और प्रबंध समिति के अध्यक्ष का कहना है कि यूरिया खाद के लिए डीडी बनवा कर जमा किया जा चुका है लेकिन जिला से ही खाद नहीं मिल पा रही है। इस बारे में सहायक निबंधक रविंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि जनपद में यूरिया खाद का निर्धारित कोटा पूर्ण हो चुका है। इस वर्ष खाद की डिमांड अधिक है। इसलिए खाद की किल्लत है कहा समितियों में शीघ्र ही खाद भेजी जाएगी।