गत दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव के हाथों सम्मानित शाबान के भदोही लौटने पर मशाल रोड स्थित एक समारोह में शायरों ने कहा कि शाबान ने उर्दू के साथ साथ जिले को भी गौरान्वित किया है।
नगर के दर्जनों लोगों ने शुक्रवार को शाबान करीमी को फूल मालाओं से स्वागत करते हुए कहा कि युवा शाबान शायरी के उभरते सितारे हैं। शायरी उन्हें अपने पिता शमसाद करीमी से विरासत में मिली है। कहा गया कि आज जब खुद मुस्लिम उर्दू से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में शाबान ने उर्दू में उन्होंने जिले में सर्वाधिक अंक हासिल कर भदोही को गौरव बढाया है। समारोह में उस्ताद शायर तौकीर अहमद अंसारी ने अपनी शायरी के जरिये स्वागत किया। उन्होंने जब- वजीरे आला की जानिब से यह तोहफा मुबारक, जमाने में तुमको यह दर्जा मुबारक पढा तो लोगों ने वाहवाही में तालियों से स्वागत किया। स्वागत करने वालों में मजनू भदोहवी, मुशीर एकबाल, मसूद आलम, सैयद एखलाक, समशाद करीमी, कर्मराज किसलय, सैयद वेसाल, जिशान अहमद, शकील अनवर खां, करमचंद बिंद आदि मौजूद रहे।