ज्ञानपुर। जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में क्षमता के अनुसार जेनरेटर नहीं होने से बिजली कटते ही अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन बंद हो जाती है। इससे मरीजों की जांच में बाधा उत्पन्न होती है। यहां लगे जेनरेटर से सिर्फ पंखा, कूलर ही चलता है। जिले के सरकारी अस्पतालों में रोजाना 65 सौ मरीज ओपीडी में आते हैं। बड़े अस्पतालों में चार तो सीएचसी पर दो जेनरेटर होने चाहिए। सीएचसी भदोही में कोविड जांच की व्यवस्था है, लेकिन बिजली कटते ही जांच ठप हो जाती है। यहां कम से कम 165 केवी के जेनरेटर की जरुरत है। इसका प्रस्ताव करीब छह महीने पहले शासन को भेजा गया है। यहां डिजिटल एक्स-रे मशीन है, इसके संचालन के लिए 65 केवी के जेनरेटर की जरुरत है। यहां 25 केवी का एक जेनरेटर हैं। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में तीन जनरेटर है। एक 64 केवी, 25-25 केवी के दो जनरेटर है। यहां मैनुअल एक्सरे होता है। गोपीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इमरजेंसी के लिए हॉस्पिटल में 25 केवीए का जनरेटर उपलब्ध है। सुरियावां सीएचसी में 82 किलोवाट का जनरेटर है। इधर बीच विद्युत व्यवस्था गड़बाई है। जिसके कारण सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक जनरेटर चलाना पड़ता है।
केस एक- सौ शैय्या अस्पताल के टीबी परिसर में 15 दिन पहले डिजिटल एक्स-रे कराने गया था। इसी दौरान बिजली कट गई, करीब 45 मिनट तक इंजतार किया। इसके बाद एक्स-रे हुआ।
विभूति नारायाण दूबे, संसारापुर।
केस दो- मंगलवार को भदोही एमबीएस अस्पताल में एक्स-रे कराने गया था, लेकिन बिजली कट गयी, जिससे घंटों भर इंतजार करना पड़ा, बिजली आने के बाद एक्स-रे हुआ। करीब आंध घंटे के बाद रिपोर्ट मिली। पूरा दिन बीत गया। -
रमेश गौतम, भदोही।
वर्जन:
स्वास्थ्य केंद्रों पर बिजली कटने पर अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे की जांच ठप हो जाती है। इसके लिए जनरेटर का प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं जिला अस्पताल व एमबीएस में स्वतंत्र फीडर के स्थापना की तैयारी चल रही है। -
डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही