ज्ञानपुर। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली का मामला थम नहीं रहा है। महानिदेशक का पत्र आने पर बेसिक शिक्षा विभाग की शुरूआती जांच में एक पेन कार्ड से दो शिक्षक वेतन उठाते मिले हैं। विभाग उनके अभिलेख तलब कर लिया है, हालांकि चार हजार शिक्षकों के अभिलेख सत्यापित होने पर यह संख्या बढ़ सकता है।
जिले में करीब 1116 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। जिसमें 4047 शिक्षक एक लाख 54 हजार बच्चों को पढ़ाते हैं। स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के समय कई स्तर पर जांच होने के बाद भी कई अभ्यर्थी फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी प्राप्त कर लेते हैं। सूबे के कुछ जिलों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं परिषदीय स्कूलों में फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आने पर महानिदेशक की ओर से मई माह के सैलरी के आधार पर जांच कराई गई। जिसमें 192 शिक्षक एक ही पेनकार्ड पर वेतन लेते मिले। धांधली के मद्देनजर महानिदेशक ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र जारी कर सभी शिक्षकों के अभिलेख दो दिन में सत्यापित करने का निर्देश दिया।
शनिवार को पत्र आने पर विभागीय अधिकारी सैलरी वितरण के आधार पर जांच शुरू करा दी। शुरूआती जांच में जिले के दो शिक्षक एक पेनकार्ड पर वेतन लेते मिले हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि विभाग मानव संपत्ति पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की सेवा से संबंधित विवरण और रिकॉर्ड को डिजिटल कर रहा है। जांच में दो शिक्षक एक पेनकार्ड से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। रविवार को अवकाश होने से उनके सभी अभिलेख प्राप्त नहीं हो सके। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। सोमवार और मंगलवार को सभी चार हजार शिक्षकों का सत्यापन पूर्ण हो जाएगा। बीएसए ने दोनों शिक्षकों को शैक्षिक, प्रशिक्षण, जाति, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड के साथ सेवा पुस्तिका के साथ विभागमें तलब किया है।