ज्ञानपुर। सरकारी कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले की दो राइस मिलरों को नोटिस जारी किया है। जिन मिलरों पर कार्रवाई की गई है उनके यहां से गोदामों में चावल कम भेजा गया। सख्त हिदायत दी गई कि सुधार न होने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की ओर से केंद्रों पर खरीदे गए धान को चावल बनाने के लिए प्राइवेट मिलरों के यहां भेज दिया जाता है। इसके लिए शासन की ओर से तिथि और पारिश्रमिक निर्धारित की जाती है। चावल तैयार करने के लिए जिले में 31 मिलरों को जिम्मेदारी दी गई है। अब तक खरीद केंद्रों पर 1.17 लाख एमटी धान की खरीद हो चुकी है। इसमें 72 हजार एमटी धान मिलरों के यहां भेजा गया। जहां से धान की कुटाई कर 40 हजार एमटी चावल भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में पहुंचाया गया। अब भी 32 हजार एमटी धान की कुटाई पूर्ण न होने से 25 हजार एमटी चावल मिलरों के गोदामों में डंप है। गोदामों में 20 फीसदी से कम चावल भेजने पर खाद्य एवं विपणन विभाग की ओर से गंगा राइस मिल चककलूटी और आरके राइस मिल तुलापुर को नोटिस भेजी गई। जिला विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने बताया कि 31 राइस मिलों में दो से तीन मिलरों की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है। अब तक 55 फीसदी चावल गोदाम में भेजा जा चुका है। धान खरीद की गति धीमी होने से अब गोदामों में चावल भेजने की प्रक्रिया तेज हो गई है।