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बैंकों में हड़ताल से करोड़ों का लेन-देन प्रभावित, लोग परेशान

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निजीकरण और बैंकिंग लॉ अमेडमेंट बिल 2021 के विरोध में दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन सोमवार को जिले की कई बैंक शाखाओं में हड़ताल का असर दिखा। बैंकों के साथ ही डाकघर, विद्युत निगम और एलआईसी के कार्यालयों में भी काम प्रभावित रहे। बैंकों की हड़ताल के कारण सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन प्रभावित हुआ। हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक, प्राइवेट बैंकों के हड़ताल में शामिल नहीं होने के कारण एटीएम आदि की सुविधा लोगों को मिलती रही। हड़ताल के चलते मार्च क्लोजिंग के कारण जरूरी काम से बैंक, एलआईसी और डाकघर पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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कालीन नगरी में के सभी छह ब्लॉकों में कुल मिलाकर 130 बैंक शाखाएं हैं। इसमें कुछ प्राइवेट तो कुछ सरकारी क्षेत्र के बैंक हैं। जिले में ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के लोग शामिल रहे। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सतीश पांडेय ने कहा कि निजीकरण के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हमारी मांगें पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मनमाने ढंग से निजीकरण करके कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। निजीकरण से आम जनता को भी नुकसान होगा। ज्ञानपुर स्थित यूनियन बैंक के समक्ष बैंक कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। उधर, भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय में भी हड़ताल का असर दिखा। वहां ताला बंद था। इसी तरह डाकघरों में भी हड़ताल का असर दिखा। यहां भी काम प्रभावित हुआ। बैंक से जुड़े लोगों का कहना है कि हड़ताल के कारण सौ करोड़ से ज्यादा का लेन-देन प्रभावित हुआ है। मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। उधर, सोमवार को विद्युत निगम के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। लिपिक संवर्ग के कर्मचारी हड़ताल पर थे। वे कार्यालय तो पहुंचे, लेकिन काम नहीं किए। यहां बिजली बिल जमा करने से लेकर सुधार आदि के कार्य नहीं हुए। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने दावा किया कि हड़ताल का बिजली व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा। देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन सोमवार को लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वित्तीय वर्ष का अंतिम माह चल रहा है। इसलिए तमाम लोग अपने कार्यों को करने में जुटे हैं। अमवा गांव के संजय गोपीगंज के डाकघर में आधार कार्ड में संशोधन कराने पहुंचे थे, लेकिन पता चला कि हड़ताल के कारण काम नहीं होगा। इसी तरह भीखमपुर कोइरौना गांव निवासी वंशधारी ने बताया कि पहले पता होता कि हड़ताल है तो नहीं आते। 40 किलोमीटर से आना और जाना अखर गया। इसी तरह सीतामढ़ी केएम शुक्ला ने बताया कि उनकी एलआईसी की मेच्योरिटी हो गई है। एलआईसी दफ्तर गए थे, लेकिन बंद मिला। एलडीएम अभिषेक कुमार का कहना है कि निजीकरण के विरोध में कुछ कर्मचारी संगठनों के लोग हड़ताल पर हैं। कुछ बैंकों में काम हो रहा है। जिले के एसबीआई में काम हुआ है। प्राइवेट बैंकों में भी कामकाज हुआ है।
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