राहुल की माैत के बाद बिलखते परिजन।
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स्थानीय लोगों की मदद से घायल राहुल को तुरंत बाबूसराय स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बीएचयू रेफर कर दिया। वाराणसी पहुंचने के बाद इलाज के दौरान राहुल ने दम तोड़ दिया।
राहुल की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि वह पांच भाइयों में सबसे छोटा था और परिवार की उम्मीदों का सहारा भी था। इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दुखद संयोग यह है कि राहुल के पिता स्वर्गीय शिलाजीत की भी पिछले वर्ष होलिका दहन के दिन बाबूसराय बाजार से घर लौटते समय सड़क दुर्घटना में ही मौत हो गई थी। लगातार दूसरे साल सड़क हादसे में परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रेलर की पहचान कर चालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बढ़ती तेज रफ्तार वाहनों की समस्या को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।