ज्ञानपुरबीआरसी में अमर उजाला फांडेशन के संवाद में विचार रखते शिक्षक। संवाद
ज्ञानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र ज्ञानपुर में शिक्षकों संग संवाद किया गया। इसमें शिक्षकों की समस्या एवं बच्चों के संस्कार मुख्य विषय रहा। शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता, कैशलेस सुविधा पर खुलकर अपने विचार रखे। पुराने शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की।
शिक्षक मानिकचंद यादव ने मुख्यमंत्री कैशलेस शिक्षक चिकित्सा योजना की सराहना की, हालांकि इसमें विभिन्न प्रकार के नियम एवं शर्तों में सुधार की मांग भी की। टीईटी को लेकर कोई भी नियम पूर्व की तिथि से लागू नहीं होता है। ऐसे में 2009 से पहले के शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता को थोपना अन्याय है। शिक्षक बीएल पाल ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा में नियम एवं शर्तें व्यावहारिक रूप से ठीक नहीं हैं। अगर शिक्षक को तीन ऑपरेशन कराने हैं तो सिर्फ पहले पर छूट होगी।
दूसरे में 50 और तीसरे में 25 फीसदी ही लाभ मिलेगा। किसी भी मरीज को जनरल वार्ड में ही भर्ती किया जाएगा। स्कूलों में अखबार पढ़ने की व्यवस्था काफी बेहतर है। इससे बच्चों में अखबार पढ़ने की रुचि बढ़ी है। नियमित रूप से बच्चे समाचार पत्रों को पढ़ते हैं, जिससे उनके अंदर पठन कौशल का विकास हो रहा है। अमर उजाला में ग्लोबल संग लोकल खबरें अच्छी छपती हैं। राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी के बच्चे गलत संगत में आकर नशे के आदी हो रहे हैं। इससे बचाव को लेकर समाचार पत्रों की तरफ से विशेष लेख छपने की जरूरत है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक रामलाल यादव, अरविंद पाल ने कहा कि शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का समावेश समय की आवश्यकता है। इस मौके पर आरएन पाल, पार्थव्रत त्रिपाठी, तेज बहादुर पाल, निशांत, प्रेम प्रकाश, हरिओम, कृपाशंकर, रवि गुप्ता, मंगला प्रसाद आदि रहे।