उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि व्यापार मंडल यूपीआई पेमेंट पर लगाए गए शुल्क और मनमाने गृहकर का विरोध करेगा।
कहा कि सरकार के समक्ष व्यापार मंडल के 11 सूत्री मांगपत्र भेजा गया है। वह शुक्रवार को नगर में व्यापार मंडल की बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 12 हजार व्यापार मंडल की सशक्त इकाइयां कार्यरत हैं। व्यापार मंडल की लोकप्रियता के कारण अब जिस चौराहे पर केवल 25-30 दुकानें थीं, वहां भी व्यापार मंडल गठित हो रहा है। कहा कि भारत में छोटे-बड़े सात करोड़ व्यापारी कार्यरत हैं। उनकी दुकानों पर काम करने वाले सात करोड़ कर्मचारी काम कर रहे हैं। हर साल व्यापारी अरबों का भुगतान करते हैं।
व्यापारी समाज सरकार को आयकर, टीडीएस, जीएसटी, मंडी शुल्क एवं खाद्य विभाग सहित पांच प्रकार के टैक्स देकर सरकार को चलाती है।
विधानपरिषद एवं राज्यसभा में जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों को 10 सीटों का आरक्षण, ऑनलाइन ट्रेडिंग से खुदरा व्यापार प्रभावित हो रहा है, ऑनलाइन ट्रेडिंग पर रोक लगाई जाए, जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों का स्वास्थ्य बीमा सरकारी कर्मचारियों की भांति किया जाए, एक करोड़ का बीमा, विद्युत एवं गृहकर की काॅमर्शियल दरें घरेलू दरों के बराबर की जाए।
दुर्घटना बीमा 10 से बढ़ाकर 25 लाख एवं व्यापारी पेंशन 3 से बढ़ाकर 10 हजार की जाए। इस मौके पर जिला अध्यक्ष डाॅ. घनश्याम दास गुप्त, रतनलाल अग्रहरि, श्रीकांत जायसवाल, दिनेश उमर, रंजीत गुप्ता रहे।