इस दौरान स्वच्छ भारत अभियान, शिक्षा दे शक्ति, बाल मजदूरी से मुक्ति आदि कार्यक्रमों से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने नृत्य, मैजिक, नाटक, रेन डांस, वाद्य यंत्रों की जुगल बंदी, सामाजिक सरोकार से जुड़ी प्रेरणादायक बातें, पर्यावरण आदि से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगा दी।
बच्चों की मनोहारी प्रस्तुतियों पर पूरा हाल तालियों से गुंजायमान होता रहा। गीत तू ही ममता भी, तू ही क्षमता भी, आज भी तू कल भी तू...में अनेकता में एकता की झलक दिखी। इसी तरह जब भव्य मंच पर रंगबिरंगे आकर्षक परिधानो में सजे धजे नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्टेज पर सतरंगी छटा बिखेरी तो लोग झूम उठे।
रेन डांस में बरसो रे मेघा रे और टिप टिप बरसा पानी... आदि गीतों पर छात्र छात्राओ ने खूब धमाल किया। स्वच्छ भारत अभियान, शिक्षा दे शक्ति, बाल मजदूरी से मुक्ति आदि कार्यक्रमों से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया।
बच्चों ने दशावतार, समुद्र मंथन की मनमोहक प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बच्चों ने पपेट (कठपुतली) डांस पर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का समापन सांसें थमा देने वाले ताबड़तोड़ स्टंट से हुआ। दर्जनों स्कूली बच्चों ने अनेकों हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।
कार्यक्रमों का शुभारंभ मुख्य अतिथि उद्योगपति पं. सत्यनारायण प्रकाश पुंज एवं विशिष्ट अतिथि इंदु रानी पुंज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रिंसिपल डा. राजकुमारी ने स्कूल की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए लोगों का स्वागत किया। ----