पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी-रामबाग रेलखंड पर अहिमनपुर, जंगीगंज व सैदाबाद स्टेशनों पर अधिकारियों ने सोमवार को ताला लगवाकर आईबीएसएस (इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल सिस्टम) से ट्रेनों को दौड़ाने की तैयारी पूरी कर ली। मंगलवार को ताला नहीं खुलने और कर्मचारियों के नजर नहीं आने पर यात्रियों में तरह-तरह की चर्चा रही।
तीनों स्टेशनों के मुख्य कार्यालयों में ताला लटकने पर 30 से अधिक कर्मचारी इधर-उधर हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि 25 फरवरी से रुटीन में चलने वाली ट्रेनों को पूर्वी छोर के ज्ञानपुर रोड और पश्चिमी छोर के भीटी स्टेशनों से कंट्रोल किया जाएगा। इससे पहले 24 फरवरी को संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होने पर 25 फरवरी से अनारक्षित ट्रेनों का स्टापेज होगा और आरक्षित ट्रेनें क्रासिंग के झंझट से मुक्त होकर गंतव्य की ओर रवाना होती रहेंगी। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि रेलखंड के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य होने पर एक ब्लॉक सेक्शन में दो ट्रेनों को सेफ्टी से चलाने के लिए आईबीएस (इंटरमीडिएट ब्लाक सिग्नल सिस्टम) से जोड़ा जा रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे के पांच सेक्शनों में इस नए सिस्टम का प्रयोग चल रहा है। जैसे-जैसे सिस्टम सफल होता जाएगा, वैसे-वैसे अन्य रेल मंडल के रूट सेक्शन से जुड़ते जाएंगे।
उधर, संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन लतीफ खान के 24 फरवरी के प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर रेल विकास निगम तैयारियों को अंतिम देने का सिलसिला तेज कर दिया है। माधोसिंह-हंडिया सेक्शन में दोहरीकरण कार्य पूरा कराने के लिए 23 फरवरी तक वाराणसी रेल मंडल प्रशासन ने मेगा ब्लॉक लिया है। इस बीच मंगलवार को सेक्शन में पूर्वी और पश्चिमी छोर के फाटकों पर नये उपकरण लगाने, पुराने उपकरणों को निकालने के लिए बूम गिरते एवं बंद होते रहे। रेल विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को देर शाम तक ज्ञानपुर रोड से हंडिया तक अधूरे कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। उसके बाद फाटक मार्ग से आवागमन सुचारु हो सकेगा