गोपीगंज। भोले भाले लोगों की मदद के नाम पर धोखे से पिन नंबर देखने के बाद एटीएम कार्ड बदलने वाले दो अंतरराज्यीय जालसाजों को कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार की रात पड़ाव से गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ मध्य प्रदेश और चित्रकूट में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
शनिवार शाम को वाहनों की जांच के दौरान पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक पड़ाव के सामने अंतरराज्यीय जालसाज श्यामलाल चौधरी, सत्येंद्र गौतम निवासी वार्ड नंबर तीन पन्ना रोड देवेंद्र नगर थाना देवेंद्र नगर पन्ना, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के चोरी के कुल 47 एटीएम कार्ड, 1,800 रुपये नगद, एक चाकू, एक तमंचा, दो कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद किया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों के खिलाफ मध्य प्रदेश, चित्रकूट में डेढ़ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गैंग है, जो एटीएम बूथ के अंदर सीधे-साधे लोगों को सहायता प्रदान करने के नाम पर उनका एटीएम कार्ड किस बैंक का है, देख कर एवं एटीएम पिन देखकर उनका कार्ड अपने चोरी के एटीएम कार्ड से बदलकर वहां से हट जाते हैं। दूसरे स्थान से पैसा निकालकर आपस में बांट लेते हैं। उन पैसों से अपना शौक पूरा करते थे। गिरफ्तारी टीम में संतोष कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, हरिकेश यादव, दीपक मिश्रा, योगेश कुमार, शेराफुल हसन, अवधनाथ राय आदि रहे।
न तो एटीएम की सुरक्षा और न ही कैश वैन का रखा जाता है ध्यान
जिले के विभिन्न बाजारों में सैकड़ों एटीएम हैं, लेकिन कहीं भी सुरक्षा गार्ड नहीं रहता है। खास बात है कि मिर्जापुर कैश वैन लूटकांड के बाद यह आदेश जारी किया गया था कि एटीएम में पैसा भरते के समय एक उपनिरीक्षक की मौजूदगी रहेगी। आदेश के कुछ दिनों तक तो पालन हुआ, लेकिन उसके बाद अब कहीं भी एटीएम में पैसा डालने के दौरान कैश वैन के पास कोई सुरक्षाकर्मी नहीं रहता।