चौरी। खेत बचाओ संघर्ष समिति की सोमवार को कछुआबोझ में बैठक हुई। इसमें सेज को एक इंच जमीन न देने का निर्णय लिया गया। इसके लिए सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने की रणनीति बनी। किसानों का ज्ञापन लेने के लिए किसी प्रशासनिक अधिकारियों के न पहुंचने पर नाराजगी जताई गई।
उत्तर प्रदेश किसान सभा के कोषाध्यक्ष बाबूलाल यादव ने कहा कि सरकार किसानों की उपजाऊ जमीन पूंजीपतियों को देना चाहती और मुआवजे को लेकर यूपीएसआइडीसी किसानों को न केवल धोखा दे रही है बल्कि जमीन लेने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर के लिए डराया धमकाया भी गया। कहा कि आंदोलन के जरिए हमने किसान बिल को वापस कराया। विधायक जाहिद बेग ने कहा कि सरकार को किसान और उनके आंदोलन से जैसे लेना देना ही नही है।दिन भर किसान ज्ञापन लेकर बैठे रहे लेकिन कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नही पहुचा। लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा की किसानों की जमीनों के लिए जो सर्किल रेट तय किया गया है, उसमें भी यूपीआएडीसी धोखाधड़ी कर रहा है। अध्यक्षता बाबूराम पटेल और संचालन राजेश राय ने किया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष इंद्रदेव पाल, जयप्रकाश सिंह, रामचंद्र पटेल, अवधनारायण, अमृत लाल मौर्य, इंद्र बहादुर यादव, रामसजीवन पाल, राजबली, चंद्रमा, दीनानाथ आदि रहे।