ज्ञानपुर। जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। जांच टीम को 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। वहीं दूसरी तरफ सीएमओ के आदेश पर चार चिकित्सकों की टीम ने संबंधित लोगों का बयान लिया। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में गहमागहमी बढ़ने लगी है।
जिला अस्पताल में सोमवार को गोपीगंज इब्राहिमपुर की एक प्रसव पीड़िता का ऑपरेशन किया गया। मरीज के गंभीर स्थिति में जाते ही उसे रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। प्रसूता के पति शिवम पांडेय ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान ही पत्नी का निधन हो गया था। खुद के बचाव के लिए उसे रेफर कर दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। टीम 15 दिन में अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। मंगलवार को लेबर रूम में सन्नाट पसरा रहा। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत कैसे हुई, इसकी पुष्टि हो सकेगी। दूसरी तरफ सीएमओ ने भी चार सदस्यीय टीम गठित कर संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों का बयान लेने को कहा था। मंगलवार को गठित टीम संबंधित चिकत्सिकों का बयान लेती रही। प्रसूता से जुड़ा मामला होने के कारण विभाग इस मामले में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरतना चाह रहा है। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि मामले में मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। मंगलवार को संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों का बयान लिया गया है। रिपोर्ट मिलने पर अगर चिकित्सकों की लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई होगी।