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Bhadohi News: जिला अस्पताल में नहीं है नाक, कान और गला रोग के विशेषज्ञ

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ज्ञानपुर। दो से ढाई लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने वाले जिला अस्पताल में नाक, कान और गला (ईएनटी) के डॉक्टर नहीं है। अस्पताल में नौ महीने पहले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिप्ती पांडेय की तैनाती हुई थी। उनके ट्रांसफर के बाद से ही यह पद रिक्त हैं। ऐसे में जिला अस्पताल पहुंचने वाले नाक, कान, गला के मरीजों को भटकना पड़ता है।
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जिला अस्पताल में रोजाना 700 से 800 मरीजों की ओपीडी रहती है। इसमें से 30 से 35 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें नाक, कान और गला की समस्या होती है। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद इस तरह के मरीजों को विशेषज्ञ न होने के कारण मजबूरी में फिजीशियन से ही दवा लेकर लौटना पड़ता है। वहीं कई मरीज ऐसे होते हैं, जो निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचते हैं। नौ महीने पहले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. दिप्ती पांडेय की अस्पताल में तैनाती की गई थी, लेकिन तबादला होने के बाद वे महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल चली गईं। इससे एमसीएच में आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई। वर्तमान में अस्पताल में 22 डाॅक्टरों की तैनाती है, लेकिन नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ का पद खाली है। भदोही एमबीएस को छोड़ कर किसी अन्य सरकारी अस्पताल में ईएनटी के चिकित्सक नहीं है।



केस-1

15 दिन पहले धान की कटाई करते वक्त कान में कीड़ा चला गया था। इससे तकलीफ बढ़ गई थी। जिला चिकित्सालय दिखाने आया तो पता चला कि ईएनटी के डॉक्टर नहीं है। मजबूरी में फिजिशियन से दवा ली।
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-अभिषेक गुप्ता, ज्ञानपुर।



केस-2

एक सप्ताह पहले स्नान करते समय कान पानी चला गया था। एमसीएच में ईएनटी के डाॅक्टर को दिखाने आया, लेकिन पता चला कि भदोही एमबीएस में हैं, इसके बाद एमबीएस में उपचार के लिए गया।
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-रूबल पांडेय, महजूदा।



अस्पताल में ईएनटी डाॅक्टर का पद रिक्त है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारी सहित शासन का दी गई है।

-डॉ. राजेंद्र कुमार, सीएमएस, एमसीएच
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