स्वच्छ भारत मिशन के फेज-2 में 250 ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन के लिए 17.50 करोड़ से आरसीसी (रिकवरी रिसोर्स सेंटर) बनाए गए हैं। इन सेंटरों पर गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग कर लाने के लिए कर्मी नहीं है।
इससे सेंटर पर कूड़ा प्रबंधन गतिविधि ठप है। इससे ग्राम पंचायतों को कूड़ा मुक्त बनाने की मुहिम को झटका लगा है। प्रदेश में भदोही ऐसा जिला है जहां गांवों में एक भी सफाईकर्मी की तैनाती नहीं की गई है। केंद्र सरकार
प्रत्येक गांव को खुले में शौचमुक्त करने के लिए 2014 से अभियान चला रही है। इस दौरान करीब दो लाख 85 हजार एकल शौचालय और 546 गांवों में सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं।
गांव को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए सात से आठ लाख की लागत से अब तक 250 गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर का निर्माण कराया गया। पिछले छह महीने में चरणबद्ध तरीके से गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर शुरू करा दिया गया लेकिन सेंटर गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग कर लाने वाले कर्मी नहीं है।
वहीं 546 में से 300 ग्राम पंचायतों में आरसीसी निर्माणाधीन हैं। पंचायत राज विभाग का दावा है कि मार्च 2025 से पहले सभी सेंटर बनकर तैयार हो जाएंगे।