फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हंसी-खुशी परिवार में सुबह ही डूबने की आई मनहूस खबर, नहीं जले चूल्हे

विज्ञापन
बिहरोजपुर गंगा घाट पर बच्चों के डूबने के बाद मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
सुबह करीब साढ़े आठ बजे रविवार को त्रिपुरारी के परिवार में भोजन बनाने की तैयारी हो रही थी तभी ऐसी मनहूस खबर आई कि मानो सबको काठ मार गया। पूरे दिन किसी के यहां चूल्हा नहीं जला। बच्चों को बिस्कूट आदि देक किसी तरह से समझाया गया। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था।
विज्ञापन

त्रिपुरारी मिश्रा कुल चार भाई हैं। भाइयों में सबसे बड़े त्रिपुरारी को एक बेटा ही था। कुछ समय पहले मुम्बई रहता था। वहां से जब आया तो त्रिपुरारी ने बेटे प्रभात की शादी कर दी। करीब चार माह से बेटा घर पर ही था। उनके दूसरे भाई अवध बिहारी के दो पुत्रों में विक्की उर्फ प्रवेश बड़ा था, तीसरे भाई बृजबिहारी के तीन पुत्रों में सबसे बड़ा लक्की और चौथे भाई कृष्ण मुरारी का पुत्र प्रकाश गांव के ही कुछ युवकों के साथ सुबह करीब आठ बजे ही नहाने के लिए निकल गए। जाते वक्त परिवार के लोग नसीहत जरूर दिए, लेकिन युवकों को उम्र के अनुसार नसीहत का कोई असर नहीं पड़ा। जब गांव में सूचना आई कि चार युवक डूब गए तो एक बार तो पूरा गांव ही गंगा घाट पर जा पहुंचा।
गांव के लोगों ने बताया कि चारों भाइयों के परिवार में एकता है इसलिए सभी के बच्चे एक दूसरे के साथ रहते थे। प्रकाश को गौतम देवी व उनकी पौत्री शिवा ने डूबने से बचा लिया। जब वह घर पहुंचा तो बारी-बारी से सभी ने उससे पूरी घटना के बारे में पूछा।
विज्ञापन

घर से दही लेने के लिए निकला अंकित
नहाने के दौरान जो चार युवक गंगा में डूबे उनमें एक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाला अंकित चतुर्वेदी भी था। परिवार के लोगों ने बताया कि अंकित अभी कुछ ही दिन पहले प्रयागराज से आया था। वह वहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। तीन भाइयों में सबसे छोटा अंकित सबका दूलारा था। सुबह दही लेने के लिए गांव में निकला था, लेकिन वापस नहीं आया। उसके पिता विद्याधर चौबे ने बताया घर से दही लेने के लिए निकाला था। यदि पहले से पता चला होता कि गंगा नहाने जाएगा तो रोक लिया होता, लेकिन उसने सही बताया ही नहीं।
गौतम देवी की मानी होती बात तो न जाती जान
इतना बड़ा हादसा होने के बाद जुटी भीड़ के बीच केवल इसी बात की चर्चा रही कि गंगा स्नान करने गए युवक यदि नहाने के दौरान गौतम देवी की बात मानी होती तो शायद किसी की जान न जाती। जिस समय युवक नहाते समय पानी से खेल रहे थे उस समय गौतमी ने युवकों को गहरे पानी में जाने से रोका था। कहा था कि आगे गहराई ज्यादा है, लेकिन युवक नहीं माने और आगे ही बढ़ते गए।
सांसद, विधायक भी मौके पर पहुंचे
बिहरोजपुर में दर्जिया गंगा घाट पर हुए हादसे के बाद सांसद रमेश चंद बिंद, विधायक ज्ञानपुर विपुल दूबे, विधायक भदोही जाहिद बेग के साथ ही अन्य लोग पहुंचे। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, एसपी डॉ. अनिल कुमार, एडीएम शैलेंद्र मिश्रा और सीओ भुनवेश्वर पांडेय भी रहे। वहां शव जैसे ही बरामद हुआ तो पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं सीएमओ डॉ. एसके चक भी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे।
एक घाट पर जले तीनों साथियों का शव, बिलखा गांव
गोपीगंज। बिहरोजपुर के दर्जिया गंगा घाट डूबे तीनों साथियों को नम आंखो से रविवार शाम को विदाई दी गई। ज्ञाननंद घाट पर तीनों के शव एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। यह नजारा देखकर पूरा गांव बिलख पड़ा।
रविवार की सुबह कौलापुर गांव निवासी कई युवा दर्जिया घाट पर स्नान करने गए। जहां नहाते समय प्रभात मिश्र, प्रवेश उर्फ विक्की, अंकित चौबे और लकी गहरे पानी में जाने से डूब गए। प्रवेश, अंकित और लकी का शव एनडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया, लेकिन प्रभात का अभी तक नहीं मिल सका। शाम को ज्ञानानंद घाट पर तीनों के शव का अंतिम संस्कार किया गया। घाट पर आसपास के कई गांव के ग्रामीण पहुंचे। सभी की आंखे नम रही। घर की महिलाएं रो-रोकर बेहोश हो जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें