इससे नाराज ग्रामीणों ने ज्ञानपुर-गोपीगंज मार्ग जाम कर पथराव कर दिया और युवकों की रिहाई की मांग की। करीब दो घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया। तनाव को देखते हुए मौके पर पीएसी तैनात कर दी गई।
जगापुर-सिंहपुर और चकलोका गांव की सीमा पर जगापुर निवासी मूलचंद्र बिंद का पुश्तैनी मकान है। आरोप है कि मकान के पास की जमीन पर शुक्रवार को कुछ लोग कब्जा करने लगे।
इसका जगापुर बिंद बस्ती के लोगों ने विरोध किया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने बिंद बस्ती के ही बृजेश कुमार, शिवशंकर, साहूल, जितेंद्र को हिरासत में ले लिया। युवकों को हिरासत में लेने से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञानपुर-गोपीगंज मार्ग पर जाम कर दिया।
ग्रामीणों ने दस मिनट पथराव भी किया। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस ने स्थिति बिगड़ती देख एक प्लाटून पीएसी मंगा ली। कोतवाली प्रभारी रमेश पांडेय ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे युवकों को छोड़ने की मांग पर अड़े रहे।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों को छोड़ दिया, तब मामला शांत हुआ। विवाद के बाद हलका लेखपाल और कानूनगो, राजस्व विभाग के अधिकारी जमीन की पैमाइश में जुटे रहे, लेकिन यह पूर्ण नहीं हो सकी थी।
कोतवाली प्रभारी रमेश पांडेय ने कहा कि किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। इसके चलते मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। एसडीएम ज्ञानपुर परवेज अहमद ने कहा कि खाली स्थान की पैमाइश कराई गई है। अन्य जमीन पर फसल है। फसल कटने के बाद ही पैमाइश की जाएगी। मामला सुलझने के बाद ही कोई निर्माण कर सकेगा।