आरोप लगाया कि दो साल के बाद भी सरकार अधिवक्ता कल्याण योजना की अनदेखी कर रही है। इससे अधिवक्ताओं को मिलने वाले लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहे हैं।
चेतावनी दी कि अविलंब सरकार इस पर ध्यान नहीं देगी तो अधिवक्ता व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे।
संगठन के अध्यक्ष सुधाकर पांडेय ने कहा कि दो साल पूर्व अधिवक्ता कल्याण योजना के तहत प्रदेश सरकार ने बुजुर्ग अधिवक्ताओं को पांच लाख का बीमा और नए अधिवक्ताओं को स्टाइपैंड का लाभ देने के लिए कहा था लेकिन दो साल गुजरने के बाद भी सरकार अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
सरकार की ओर से अधिवक्ताओं के हित के लिए चलाई योजनाओं संग अनदेखी की जा रही है। चेतावनी दी कि 26 फरवरी तक सरकार अधिवक्ताओं मांग को पूर्ण नहीं करेगी तो 27 फरवरी को जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के बाद अनवरत न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
प्रदर्शन करने वालों में सुशील कुमार चौबे, जीत बहादुर सिंह, हंसाराम शुक्ल, दयानाथ तिवारी, गोपीचंद्र तिवारी, मजहर शकील, स्वामीनाथ मिश्र, श्याम नारायण सिंह, विजय नारायण पांडेय, समर बहादुर सिंह, राकेश पांडेय, लक्ष्मीकांत मिश्र, खुशियालचंद्र पांडेय, धीरज शुक्ल, बलराम पांडेय, सुशील पांडेय, शशि पांडेय, उमाशंकर यादव आदि मौजूद रहे।