फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में शामिल हुए गांवों की सड़कें बदहाल, बारिश से हुईं कीचड़युक्त

विज्ञापन
विज्ञापन
भदोही। बीते वर्ष भदोही नगर पालिका क्षेत्र की सीमा का विस्तार किया गया। उसमें 28 गांवों को शहर में मिला लिया गया। उसके बाद उम्मीद जगी थी कि यहां शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन न गांव की सुविधा बहाल हुई न ही शहर की सुविधा मिली। अब जब बारिश का समय आया है तो वहां के लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। कोई कीचड़युक्त सड़क से परेशान है तो कोई बिजली की समस्या से। इन गांवों में कई सड़कें बदहाल हैं।
विज्ञापन

28 गांवों की कुल आबादी 40 हजार आंकी गई हैं। इन गांवों के लोगों की मानें तो अभयनपुर, छितिउना, जाहिदपुर, पिपरी, महबूबपुर, सेवापुर आदि से प्रतिदिन हजारों लोगों का भदोही आवागमन होना होता है। जब तक मौसम ठीक था तब तक तो दिक्कत कम थी, लेकिन बारिश के बाद से परेशानी बढ़ गई है। लोगों ने बताया कि नगर पालिका ने कुछ गांवों में पेयजल के लिए सबमर्सिबल पंप लगवाने के अलावा कुछ गांवों में इंटरलाकिंग सड़कों का निर्माण कराया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं। आज भी इन क्षेत्रों के लोग स्ट्रीट लाइट न होने से दिक्कत है। साफ सफाई व्यवस्था से कई क्षेत्र वंचित हैं। मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश के बाद से सड़कों पर कीचड़ हो गया है। लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। अभयनपुर मुख्य मार्ग से और छितिउना से जाने वाले मार्ग पर इतना कीचड़ है कि लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। लोगों ने कहा कि जब से इन ग्रामसभाओं की बागडोर नगर पालिका को मिली है तब से अधिक समस्या हो गई है। लोगों ने जलजमाव वाले मार्गों पर काम शुरू कराने की पालिका से मांग की है।
--
प्रतिक्रिया--
हम लोग न तो गांव में रह गए ना ही शहरी बन पाए। इसके लिए पालिका को फंड भी जारी नहीं किया गया है। हम दो एक वर्ष से हमारा विकास थम गया है। ज्वाला पटेल (फोटो-52)
विज्ञापन

--
बारिश का सीजन शुरू हो चुका है। गांवों में कच्ची सड़कें आम होती हैं। बारिश में इन सड़कों पर पैर रखना मुश्किल हो जाता है। हम लोग बदतर स्थिति में जी रहे हैं। रामराज यादव (फोटो-53)
--
शहर में शामिल किए गए हैं तो शहरों की तरह विकास होना चाहिए। लेकिन हम लोगों की समस्या घटने के बजाए और बढ़ गई है। बारिश में समस्या और बढ़ेगी। किशन कुमार (फोटो-54)
--
चुनाव अभी नवंबर में होंगे। अब तक नया परिसीमन भी नहीं हो सका है। जब तक चुनाव होता तब तक सरकार से फंड की व्यवस्था कर नए क्षेत्रों का विकास होना चाहिए। रमापति यादव (फोटो-55)
-------------
वर्जन-
ऐसा नहीं है कि नए क्षेत्रों के बारे में नहीं सोचा गया। एक दर्जन से अधिक पेयजल की व्यवस्था कराई गई है। इंटरलाकिंग सड़कें भी बनाई गईं। साफ सफाई की भी व्यवस्था कराई गई है। जैसे जैसे धन मिल रहा है विकास कराया जा रहा है।
विज्ञापन

- जी लाल, अधिशासी अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें