ज्ञानपुर। डीएम कार्यालय के सामने पानी की टंकी पर युवक के चढ़ने के मामले में आखिरकार प्रशासन ने मंगलवार को जोरईं प्रधानपति रामधनी यादव को जेल भेज दिया। प्रकरण में शांतिभंग के तहत चालान किया गया। दोपहर में ही पुलिस ने प्रधानपति को हिरासत में ले लिया था। जमानत न मिलने पर पुलिस ने जेल भेज दिया।
सरपतहां निवासी गुलाब दलित ने जोरईं गांव के वनवासी से जमीन खरीदी थी। उक्त जमीन पर कब्जा न मिलने को लेकर सोमवार को गुलाब डीएम कार्यालय के सामने स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया था। उसने प्रधानपति पर भी विपक्षियों से मिलीभगत का आरोप लगाया था। करीब तीन घंटे तक चला दलित युवक का हाईवोल्टेज ड्रामा समाप्त हो गया, लेकिन मंगलवार को उसमें नया मोड़ आ गया। उक्त मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान रामधनी यादव को हिरासत में लेकर 151 में चालान कर दिया। शाम पांच बजे प्रधान की ओर से जमानत की अर्जी दी गई, लेकिन उसे कागजी हवाला देकर प्रशासन ने मंजूर नहीं किया। अंतत: प्रधान को जेल भेजा गया। कोतवाली जाने से पूर्व ग्राम प्रधानपति ने कहा कि साजिश के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है, जबकि उक्त प्रकरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है।