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लवकुश मेले की तैयारी पूरी, चप्पे चप्पे पर होंगी प्रशासन की नजर

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सीतामढ़ी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एवं जगत जननी मां सीता के सुपुत्रों लव और कुश के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में जनपद के धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सीतामढ़ी में शुक्रवार को विशाल धार्मिक मेला लगेगा। इसको लेकर तैयारी बृहस्पतिवार की शाम को पूर्ण कर ली गई।
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मेले में श्रद्धालुओं और मेलार्थियों का हुजूम उमड़ेगा। इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन कर मेले का लुफ्त उठाएंगे। मेले में तरह तरह की रंग बिरंगी दुकानें सज गई हैं। सर्कस, झूले, बच्चों के खेल खिलौने के साथ सैकड़ों की संख्या में रंग बिरंगी दुकानें सज गई हैं। खाने-पीने के लजीज व्यंजनों के साथ गृहस्थी के सभी सामानों की दुकाने मेला क्षेत्र देखी जा रही है। छोटी बड़ी दुकानों के आने का क्रम लगातार जारी है। सुहाना मौसम को देखते हुए आशंका व्यक्त की जा रही कि मेले में श्रद्धालुओं एवं मेलार्थियों का हुजूम उमड़ेगा। इस अवसर पर लवकुश जन्मोत्सव मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन की ओर से मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। मेले की सुरक्षा के लिए मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल के जवानों की तैनाती के साथ महिला पुलिस, जल पुलिस, सादे वर्दी में पुलिस के जवानों की तैनाती कर दी गई है। भीड़ भाड़ वाले स्थलों पर बैरिकेडिंग और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए कई स्थानों पर वैरियर लगाया गया है। पूरा मेला क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील है। गंगा घाट सहित सभी मंदिरों, आश्रमों, चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों के साथ नाके, नाके पर पुलिस के जवानों की पैनी नजर रहेगी। ज्ञात हो कि लगभग तीन किमी क्षेत्र के दायरे में मेला लगता है। थानाध्यक्ष कोइरौना जेपी यादव ने बताया कि मेले क्षेत्र में लगभग तीन सौ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
सीतामढ़ी। लवकुश जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी शुक्रवार को नवमी मैले में सीतामढ़ी गंगा घाट, महर्षि वाल्मीकि आश्रम, प्राचीन मंदिर, श्री सीता समाहित स्थल मंदिर, 108 फिट ऊंचे श्री हनुमान जी, मंदिर परिसर, सीता समाहित स्थल से गंगा तट की सड़क, सीतामढ़ी गेट से महर्षि वाल्मीकी आश्रम परिसर आदि स्थानों पर अधिक भीड़-भाड़ होने की संभावना है। मेले के समापन पर शाम के समय सीतामढ़ी मंदिर से मठहा चौराहे तक लगभग 3 किमी तक ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है।
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गंगा घाट पर होगी पैनी नजर
सीतामढ़ी। धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सीतामढ़ी के गंगा घाट पर प्रशासन को व्यवस्था अधिक चुस्त दुरुस्त रखना होगा। इसी तरह गंगा में चल रही नौकाओं पर पुलिस को पैनी नजर रखनी होगी। नियमानुसार सीतामढ़ी गंगा घाट पर स्टीमर और बड़ी नौकाएं ही चलनी चाहिए लेकिन घाट पर छोटी नौका का संचालन हो रहा है। ज्ञात हो कि वर्ष 2002 में सीतामढ़ी मेले के दिन मेलार्थियों से भरी नाव गंगा में डूब गई थी। उस नौका दुर्घटना में 8 मेलार्थियों की जान चली गई थी।
श्रीराम कथा सुन सराबोर हुए श्रद्धालु
सीतामढ़ी। लवकुश कुमारों के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में सीतामढ़ी के श्री सीता धाम मौनी बाबा आश्रम में चल रहे श्री राम कथा के आठवें दिन प्रयाग से पधारे कथा वाचक रामनुग्रह रामायणी ने श्रीराम कथा का रसपान कराते हुए कहा कि राम चरित्र मानस में गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने पांच मंगल का वर्णन किया है तुलसीदास जी का दावा है कि इन पांचों मंगलो में से किसी भी मंगल से आपका संबंध है तो जीवन में अमंगल आने वाला नहीं है। बताया कि पहला मंगल श्रीराम जी है वे मंगल के भवन हैं। सीता जी मंगल की मूर्ति है। तीसरा मंगल श्री हनुमान हैं। वे मंगल की मूरत है। चौथा मंगल मेरे भारत का जो साधु समाज है। वह भी मंगल का प्रतीक है। मुद मंगलमय संत समाजू... में और पांचवा मंगल भगवान की कथा भी मंगल का प्रतीक है। मंगल करण कलि मल हरण तुलसी कथा रघुनाथ जी। इन पांचों मंगल में से किसी भी मंगल से जिसने संबंध बनाया उसके जीवन में अमंगल नहीं हो सकता है। इसी तरह औराई से पधारे जगत नारायण तिवारी ने भरत चरित्र का भाव पूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भर कि भरत को राजमोहन नहीं हो सकता चाहे वह ब्रह्मा का पद पा जाए चाहे विष्णु का चाहे शंकर जी का। मौनी बाबा ने भगवान श्रीराम और जगत जननी मां सीता की भाव पूर्ण कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को आनंद रस में सराबोर कर दिया
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