राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही से अंडरपास ब्रिज के डिवाइडर अतिक्रमण का शिकार हो गए हैं। संरक्षण न होने से डिवाइडर के प्लास्टर उखड़कर टूटने लगे हैं। जिससे दुर्घटना की आशंका है। नगर पालिका प्रशासन ने गोपीगंज और राजमार्ग प्राधिकरण ने 20 पिलर पर बिना परमिशन के लगे दर्जनों की संख्या में बैनर, पोस्टर और केमिकलयुक्त वाल पेंटिंग को साफ कराया, लेकिन जंगीगंज, कौलापुर, लालानगर, नटवां, कोठरा, औरंगाबाद अंडरपास के डिवाइडर पर न अतिक्रमण हटाने की हिम्मत मेंटनेस कर्मचारी कर रहे हैं न गंदगी को साफ कराने पर कोई ध्यान है।
राहगीर लक्ष्मण मौर्य, अनुज सिंह, पंकज वर्मा, दिनेश रावत, अभिनंदन पाल आदि ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर पूर्वी-पश्चिमी सीमांतर्गत बने ओवरब्रिज और अंडरपास की लागत करोड़ों में हैं। आस-पास रहने वाले लोग डिवाडर को लकड़ी, उपली, ईंट, बालू, गिट्टी आदि सामानों को रखकर अतिक्रमण कर लिया है। कई गांवों को जोड़कर प्रमुख बाजार से मिलान करते हैं। ऐसी स्थिति में अतिक्रमण होने के कारण हादसों को बढ़ावा मिलता है गंदगी से उत्पन्न होने वाली दुर्गंध के बीच आवागमन करना मुश्किल बना रहता है। गोबर से बनी उपली से प्लास्टर के टूटने, उखड़ने से अंडरपास के बैठने का भय किसी न किसी अनहोनी का संकेत देता है। परियोजना निदेशक एनएचएआई एके राय ने बताया कि अतिक्रमण और गंदगी हटाने की जिम्मेदारी मेंटिनेंस विभाग को सौंपी गई है। अंडरपास के डिवाइडर और ओवरब्रिज के पिलर को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तो जांच कराई जाएगी।