सीता समाहित स्थल मंदिर के चारों ओर सुख रहा प्राकृतिक जलाशय। संवाद
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सीतामढ़ी। जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सीतामढ़ी स्थित श्री सीता समाहित स्थल मंदिर के प्राकृतिक जलाशय का पानी कम हो गया है। जलाशय का निर्मल जल अब मटमैला काला हो गया है।
जलाशय में तत्काल पानी छोड़ने की आवश्यकता है। डीघ रजवाहा में पानी नहीं छोड़े जाने से इस कार्य में समस्या आ रही है। श्री सीता सामहित स्थल मंदिर का निर्माण प्राकृतिक जलाशय के बीच में किया गया है। जलाशय में पानी भरा रहने से मंदिर की सुंदरता बढ़ जाती है।
साथ ही पानी में तमाम जलीय जीव जंतु तरह-तरह के रंग-बिरंगी मछलियां कछुए व अन्य जलीय जीव जंतु पानी में स्वछंद रूप से निवास और विचरण करते हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से जलाशय की खास तवज्जो रखी जाती है। इससे जलीय जीव जंतुओं के सुरक्षा की दृष्टि से यह जलाशय काफी सुरक्षित है। हालांकि गर्मी बढ़ते ही जलाशय का पानी सूखने लगता है।
इससे जलाशय के तमाम जीव जंतुओं के जीवन पर संकट मंडराने लगता है। इस जलाशय में पानी भरने के लिए श्री सीता समाहित स्थल ट्रस्ट की ओर से डीघ रजवाहा नहर से लगभग 2 किमी भूमिगत पाइप लाइन डाली गई है, लेकिन नहर में पानी न होंने से संकट पैदा होने लगा है।
मंदिर प्रबंधक कैलाश चंद्र ने कहा कि गर्मी बढ़ते ही पानी कम होता जा रहा है। जिससे मंदिर की सुंदरता पर भी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने जिलाधिकारी से डीघ रजवाहा नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है।