कड़ाके की ठंड से कालीन नगरी के लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। दो दिन मौसम साफ होने से राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन शनिवार को मौसम फिर बदल गया। सुबह से बादलों की घेराबंदी और दोपहर में हल्की बारिश से अधिकतम तापमान करीब सात डिग्री तक लुढ़क गया। पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन न होने से लोग अलाव के आसपास ही डटे रहे।
साल के शुरूआत से ही मौसम बिगड़ा हुआ है। करीब 17 से 18 दिनों तक कोहरा, बारिश और गलन से लोग परेशान रहे। 20 और 21 जनवरी को मौसम साफ हुआ तो धूप खिली। इससे लोगों ने राहत महसूस थी। इस बीच शनिवार को मौसम अचानक फिर बदल गया। सुबह जब लोगों की आंख खुली तो आसमान में बादलों का डेरा दिखा। सुबह 11 बजते-बजते हवाओं संग हल्की बारिश शुरू हो गई। जिससे सड़कें कीचड़ से सन गईं। ठंड और गलन के चलते सुबह उठने वाले लोग अपने काम में लगने की बजाय अलाव के आसपास ही डटे रहे। शुक्रवार को अधिकतम तापमान जहां 22 डिग्री से अधिक रहा वहीं शनिवार को पारा लुढ़ककर 15.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम अभी खराब रहेगा। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने से तिलहनी फसलों में माहो कीट का खतरा बढ़ गया है।