सेवा के बदले समाज में प्रशंसा और तिरस्कार दोनों मिलते हैं। यह एक कठिन कार्य होता है, लेकिन सेवा देने वाले व्यक्ति के अंदर विशेष ऊर्जा और आनंद की अनुभूति भी होती है। स्काउट गाइड का आदर्श वाक्य ही है कि समाज की सेवा के लिए सदैव तैयार रहो।
ये बातें काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रोवर्स-रेंजर्स समागम के समापन पर मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय औराई के प्राचार्य डॉ. वीके त्रिपाठी ने कहीं। उन्होंने बताया कि अच्छा स्काउट बनने के लिए हमें बौद्धिक, मानसिक और शारीरिक तीनों स्तर से मजबूत होना होगा। रेंजर्स प्रभारी डॉ.ऋचा ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में 19 प्रतियोगिताएं हुईं। रोवर्स टीम की कुल तीन प्रतिभागी टीमों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर केएनपीजी कॉलेज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय और घनश्याम दूबे महाविद्यालय रहीं। इसके पूर्व रोवर्स और रेंजर्स प्रतिभागियों ने मार्च पास्ट, सामाजिक मुद्दों पर झांकी प्रस्तुत की गई। रोवर्स प्रभारी डॉ.महेंद्र यादव ने समागम प्रतिभागिता में तकनीकी सहयोग के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर चंद्रेश राय, राधा त्रिपाठी, प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे, समरजीत यादव, ओम प्रकाश, डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव, डॉ. भारतेंदु द्विवेदी आदि मौजूद रहे।