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‘जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से सड़कों की हालत खराब’

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लगभग 12 साल से जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और अधिकारियों की मनमानी से जर्जर हो चुकी चंदापुर सड़क पर कांग्रेसजनों ने बृहस्पतिवार को विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान राजेश दुबे ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार सड़कों की हालत सुधारने के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली दर्जनों सड़कों की मरम्मत अभी तक नहीं हो सकीं ।
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1980 में कांग्रेस पार्टी से सांसद रहे अजीज इमाम ने जंगीगंज-धनतुलसी मुख्य सड़क से हुए चंदापुर गांव को जोड़ने के लिए तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर मिट्टी स्तर का का कार्य कराया था। कांग्रेस के ही शासन में मंडी समिति के डामरीकरण करा देने से ग्रामीण आवागमन करने लगे। सड़क निर्माण का मुख्य उद्देश्य रहा कि कोनिया क्षेत्र समेत गंगा नदी को पार कर जंगीगंज रेलवे स्टेशन, राजमार्ग पहुंचने में राहगीरों और वाहन चालकों की राह आसान होगी। समय बीतने पर सड़क भी साथ छोड़ने लगी। वर्तमान में हालत यह है कि पैदल चलना मुश्किल है। गड्ढे में सड़क है या सड़क पर गड्ढा, जब तक ग्रामीण समझते हैं तब तक गिर कर घायल हो जाते हैं।
पं.मूलचंद पांडेय ने बताया कि दर्जनों बार मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त, डीएम, सांसद, विधायक, लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत से शिकायत की गई कोई सुनवाई नहीं हो सकी। छात्र-छात्राओं को स्कूल-कालेज, मरीजों को अस्पताल, ट्रेन से यात्रा करने वाले स्टेशन पहुंचने में जो परेशानी उठानी पड़ रही है उसका अंदाजा सड़क को देखने से लग जाता है। नाराजगी जताई गई कि चुनाव के समय में जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी बदहाल मार्गों से हिचकोले लेते हुए जनसामान्य तक पहुंचते हैं। बावजूद इसके न दुरुस्तीकरण कराने की पहल की जा रही है न नवीनीकरण की। पटरी का वजूद समाप्त हो जाने से बारहों माह गंदे पानी के जमाव से आवागमन करना मजबूरी बन चुकी है। विधानसभा चुनाव से पहले सड़क की हालत न सुधारी जा सकी तो ग्रामीणों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता मंडलायुक्त का घेराव करने के लिए विवश होंगे।
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