ज्ञानपुर। ऊंज थानाक्षेत्र के राजमार्ग स्थित गोधना गांव में सार्वजनिक महत्व की जमीन पर अतिक्रमण का मामला ठंडे बस्ते में चला गया। गत मई में राजस्व विभाग ने जमीन की नापी कराई, मगर तहसीलदार के स्थानांतरण के बाद प्रकरण को फिर से लंबित कर दिया गया। तीन दिन पूर्व हुई अगलगी की घटना का भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है।
सदर तहसील अंतर्गत गोधना गांव में लगभग 40 वर्ष पहले कूटरचित तरीके से दर्जनों लोगों ने जमीन का आवंटन करा लिया था। मामला संज्ञान में आने पर ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्यों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर आवंटन प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। राहत न मिलने पर हाईकोर्ट प्रयागराज की शरण ली गई और आवंटन प्रक्रिया निरस्त करने का निर्देश तहसील प्रशासन को मिला। मामले के जानकार राजकुमार ने बताया कि आवंटन मंसूखी निरस्त होने पर राजस्व विभाग ने जमीन को सरकार के नाम खतौनी में दर्ज किया है, लेकिन इन दिनों बाहरी क्षेत्रों से आकर दर्जनों लोगों ने जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है और छप्पर आदि रखकर मनमानी किराया वसूल रहे हैं। गत मई में तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव ने हॉट मिक्स प्लांट से लेकर सूफीनगर दरगाह, कान्वेंट स्कूल आदि की नापजोख कराकर हलका लेखपालों से राजस्व एक्ट अंतर्गत कार्रवाई का निर्देश दिया। तब तक उनका तबादला औराई तहसील में हो जाने से मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। तीन दिन पूर्व दुकान में हुई अगलगी का भी राजफाश नहीं हो सका। तहसीलदार सदर तनुजा निगम ने मामले की जांच और सीओ एके सिंह ने संदिग्ध चेहरों पर शिकंजा कसने की बात कही।