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झमाझम बारिश से रोपाई में आई तेजी

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ज्ञानपुर। करीब एक महीने बाद जिले में सक्रिय हुआ मानसून रविवार को जमकर बरसा। भोर में पांच से सुबह 11 बजे तक कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हुई। इससे धूप और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली तो किसानों के चेहरे खिल गए। मानसून के सक्रिय होते ही किसान धान की रोपाई में जुट गए। सूख रही धान की नर्सरी को संजीवनी मिल गई। नगरीय इलाकों में जल निकासी की सुविधा न होने से सड़कों पर पानी भर गया। जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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यास और ताऊते चक्रवात के कारण मई में रिकार्ड बारिश हुई। जून में समय से पूर्व आए मानसून भी खूब बरसे, लेकिन 17 जून के बाद आसमान साफ हो गया। सुबह से लेकर शाम तक कड़ी धूप और उमस से लोग बेहाल हो उठे। शनिवार शाम से मौसम ने करवट ली। आसमान में बादलों के दस्तक संग बूंदाबांदी शुरू हुई। रविवार को भोर में करीब पांच बजे से शुरू हुई बारिश सुबह 11 बजे तक होती रही। जिससे सूख रही धान के खेतों में पानी हो गया। झमाझम बारिश शुरू हुई तो किसानों के मुरझाए चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। खेतों से लेकर सड़कों पर भी पानी जमा होने से आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ज्ञानपुर निवासी किसान महेंद्र यादव व दिनेश मौर्या ने बताया कि खेतों में सूख रही धान की फसल के लिए यह बारिश संजीवनी से कम नहीं है। करीब एक पखवारे से अधिक समय से सूखा की स्थिति बन जाने से लोग बाजरा, अरहर, की बोआई व धान की रोपाई को लेकर परेशान थे। वहीं जिन्होंने धान की रोपाई कर दिया था, उनके सामने फसल बचाने की चिंता थी।
बारिश होने से धान की रोपाई के साथ ही जिन किसानों के टमाटर मिर्च, बैगन आदि की नर्सरी तैयार है उसकी रोपाई शुरू कर दिए है। बारिश से सुरियावां के पाली मार्ग, नेतानगर, भदोही के दरोपुर, गोपीगंज के खरहट्टी मोहाल, सदर मोहाल, ज्ञानपुर के पुरानी बाजार, पुरानी देहाती, पुरानी कलेक्ट्रेट आदि क्षेत्रों में पानी निकासी की सुविधा न होने से सड़कों पर पानी भर गया। अभोली के दशवतपुर गांव में अमित कुमार यादव के रिहायशी कच्चे घर पर महुआ का पेड़ गिर गया। जिससे घर में रखा हजारों का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। ग्राम प्रधान धर्मेंद्र बिंद ने जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की। मोढ़ बाजार, रामपुर मार्ग, मकनपुर-बरमोहनी मार्ग, कस्तूरीपुर चौराहा आदि स्थानों पर जलजमाव होने से लोगों को परेशान होना पड़ा। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। उन्होंने बताया कि छह घंटे में करीब 50 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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