जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 11 बांग्लादेशी जमातियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। टूरिस्ट वीजा पर धर्म प्रचार करने के मामले को कोर्ट ने संज्ञान में लिया। सभी 11 जमातियों को जेल भेज दिया गया। करीब डेढ़ माह पूर्व भदोही के एक गेस्ट हाउस से दिल्ली के मरकज से लौटे तब्लीगी जमात के 11 बांग्लादेशी संग 14 जमातियों को पुलिस ने पकड़ा था।
मामले में जमातियों संग संरक्षणदाताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद सभी जमातियों को जिला अस्पताल में आइसोलेट कर दिया गया था। सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आने पर सभी को जिला मुख्यालय स्थित अस्थाई जेल में रखा गया था। विवेचना पूूर्ण होने पर सभी को रिमांड में लिया गया।
जमातियों की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की बहस-पैरवी सुनने के बाद जिलाजज ने बांग्लादेशी जमाती मो. इंसेर अली, त्वाहिदुल इस्लाम परवेज, सैयद मोहिबुर्रहमान, नजरूल हक, नवाज अली, नजरूल इस्लाम, दराज्जुद्दीन मुतब्बर, रफिकुल इस्लाम, फैजल रैबी, शेख अख्तरुज्जमा, मनौवर रसीद की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
इसके बाद सभी को जेल दिया भेजा गया। जमातियों की तरफ से अधिवक्ता तेज बहादुर यादव और सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता दिनेश पांडेय ने पैरवी की। इसके पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनव यादव की अदालत से तीन भारतीय जमातियों को जमानत मिल चुकी है। बताते चलें कि विवेचना में पुलिस ने संरक्षणदाता अब्दुल रब अंसारी, अयूब अंसारी, अलीम उल्लाह, मुश्ताक़ अहमद, अब्दुल रहीम, मुनौवर, कमालुद्दीन अंसारी को क्लीन चिट दे दी। जिस पर उसकी काफी किरकिरी हुई।